बलिया। पुरे देश में दोबारा 100 दिवसीय क्षय रोग (टीबी) खोजी अभियान शुरू किया जाना है। जनपद में क्षय रोग उन्मूलन को गति देने हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन नगर के सतीश चंद्र कालेज में किया गया। जिसमें टीबी रोगियों की पहचान व उसके बचाव के बारे में टीम के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जनपद में सक्रिय रोग खोज एवं जांच गतिविधियाँ निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार संचालित की जाएंगी।


इस अवसर पर आयोजित जागरूक त गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला समन्वयक आशीष सिंह ने बताया कि हर हाल में टीबी रोगियों को आम लोगों के बीच से खोजकर अपने देश से रोग को भगाने की जरूरत है। साथ ही जनपद के सभी मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर आमजन को क्षय रोग के लक्षण, जांच एवं निःशुल्क उपचार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

जिला समन्वयक श्री सिंह ने रोवर्स रेंजर्स को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जन जन को इस के बारे जागरूक करना है। जिससे कि हम आने वाले दिनों में इस रोग को समूल समाप्त किया जा सके। उन्होंने छात्रों से कई सवाल किया। इसके साथ ही तमाम जानकारी साझा किया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रबंधक अनुराग पाण्डेय टीबी खोजी अभियान में ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क कर संभावित रोगियों की पहचान तथा जागरूकता गतिविधियाँ संचालित किये जाने पर बल दिया।

बताया कि इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक व्यक्तियों की समय रहते जांच कर समय से उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए टीबी के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य कराएं। उन्होंने छात्रों से निश्चय मित्र बनकर टीबी मरीजों की पहचान करके उन्हें बचाने की अपील किया। इस मौके पर प्रो. माला कुमारी, डीसी धर्मेंद्र कुमार, एफओ प्रदीप कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

टीबी (तपेदिक) के मुख्य लक्षणों में 3 सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, खूनी बलगम, रात में पसीना, शाम को बुखार, वजन घटना, भूख न लगना और सीने में दर्द शामिल हैं। यह संक्रमण (Mycobacterium tuberculosis) फेफड़ों में सबसे आम है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों (आंत, ग्रंथियां) को भी प्रभावित कर सकता है। 
टीबी के प्रमुख लक्षण (Symptoms of TB):
खांसी: दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक चलने वाली लगातार खांसी।
बलगम में खून: खांसी के साथ खूनी बलगम आना।
बुखार: विशेष रूप से शाम को बुखार आना जो हल्का हो सकता है।
रात में पसीना: रात को सोते समय तेज पसीना आना।
वजन और भूख में कमी: बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन घटना और भूख कम लगना।
सीने में दर्द: सांस लेते या खांसते समय सीने में तकलीफ या दर्द महसूस होना।
थकान और कमजोरी: हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होना। 
टीबी के प्रकार और अन्य लक्षण:
फुफ्फुसीय (फेफड़ों की) टीबी: सबसे आम है, जिसमें ऊपर दिए गए लक्षण दिखते हैं।
एक्स्ट्रा-पल्मोनरी (फेफड़ों के बाहर) टीबी: गर्दन में गांठ, पेट दर्द, जोड़ों में सूजन, या सिरदर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि संक्रमण शरीर के किस हिस्से में है। 
यदि लगातार दो-तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी और बुखार हो, तो सरकारी अस्पताल में मुफ्त टीबी जांच (जैसे बलगम की जांच या चेस्ट एक्स-रे) तुरंत करानी चाहिए।