50 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का होना है निर्माण
बलिया। जिला अस्पताल परिसर में 50 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) निर्माण के लिए चतुर्थ श्रेणी सात कर्मचारियों के आवासों को शनिवार को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रविवार को कर्मचारियों के विरोध के चलते रोक दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवास ध्वस्त करने के बाद शेष आवासों को तोड़ने के लिए रविवार को प्रशासनिक टीम जैसे ही पहुंची, वैसे ही पांच आवासों में रह रहे कर्मचारियों और उनके परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते आवास तोड़ने का कार्य रोक दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें आवास खाली करने के लिए कोई सूचना नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि वे वर्षों से इन सरकारी आवासों में परिवार के साथ रह रहे हैं। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए अचानक आवास तोड़ना उचित नहीं है।
कर्मचारियों ने कहा कि पहले रहने की व्यवस्था की जाए, उसके बाद आवास खाली कराया जाए।
इसकी जानकारी होते ही अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, उप जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा़ अभय नारायण राय जिला अस्पताल पहुंच आवासों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कर्मचारियों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन वार्ता विफल रही। आवासों को तोड़ने का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
आपको बता दे कि जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 23.75 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण कराया जाना है। परियोजना को करीब 16 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नई यूनिट में वेंटिलेटर, हाई-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, आक्सीजन सपोर्ट सहित गंभीर मरीजों के उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके निर्माण होने के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना सहित अन्य गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगा। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने बताया कि आवास खाली कराने के संबंध में सभी कर्मचारियों को सूचना दी जा चुकी है। कर्मचारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि आपसी सहमति से समस्या का समाधान निकालते हुए सीसीयू का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
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