*करत करत अभ्यास ते जड़मति हो सुजान*इसे सिद्ध किया है सनबीम स्कूल बलिया के पूर्व विद्यार्थी(एलुमनी) शुभम मयंक सिंह ने।अपने अथक परिश्रम एवम जीवन में अनुशासन, धैर्य धारण कर उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य अर्थात एन डी ए की कठिन परीक्षा पास कर देश की थल सेना में 21वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त कर लिया है।उनकी इस सफलता ने न केवल विद्यालय अपितु संपूर्ण जिले को गौरवान्वित किया है।

विदित हो कि शुभम मयंक की सफलता पर आज दिनांक 25 जून को विद्यालय प्रांगण में समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों की उपस्थित में विद्यालय के निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह एवम प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह द्वारा अपने इस विद्यार्थी को माला एवम अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए सम्मानित किया गया।इस अवसर पर विद्यालय निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह ने कहा कि *यह अत्यंत गर्व का विषय है कि शुभम मयंक सनबीम स्कूल के विद्यार्थी रह चुके है।उनकी यह सफलता विद्यालय के अनेकों विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता,इसे प्राप्त करने के लिए स्वयं को संयमित करके सही दिशा में अथक परिश्रम करने की आवश्यकता होती। यदि विद्यार्थी ऐसा करते हैं तो निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

*अपने सम्मान समारोह में शुभम मयंक ने प्रांगण में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपनी पूरी यात्रा को साझा किया तथा उन्हें प्रेरित करते हुए कहा कि एक बार अपना लक्ष्य साधने के पश्चात उससे पथभ्रष्ट न हो ।रास्ते में अनेकों बाधाएं आएंगी किंतु तुम्हे अपने लक्ष्य पर अडिग रहना है। वहां उपस्थित विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा को शांत करने हेतु हुए शुभम मयंक से अनेकों प्रश्न भी पूछें जिसका उचित उत्तर उन्हें प्राप्त हुआ। अंत में प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार आज शुभम मयंक ने अपने अथक परिश्रम के बल पर सफलता अर्जित कर सभी को गौरवान्वित किया है उसी प्रकार आप में भी वह क्षमता हैं कि आप अपने भीतर छुपी प्रतिभा को पहचानकर अपना लक्ष्य साधे और सफल हो।इसके लिए उन्होंने मंगल कामना की ।इस अवसर पर विद्यालय प्रशासक श्री संतोष चतुर्वेदी, विद्यालय डीन श्रीमती शहर बानो, हेडमिस्ट्रेस श्रीमती नीतू पाण्डेय,सभी वर्गो के कॉर्डिनेटर तथा सभी अध्यापकों की उपस्थिति सराहनीय रहीं।