अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट हरिश्चंद्र की अदालत ने सात साल 24 दिन में सुनाई फैसला
विधि संवाददाता
बलिया लगभग सात साल पूर्व सपा नेता सुमेर सिंह को बादमाशों ने गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी थी जिसमे पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ा था और रोड जाम से लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजीयां भी हुई थी। वहीं मामला अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन हरिश्चंद्र की न्यायालय में शुक्रवार को फैसला सुनाया गया जिसमे चारों अभियुक्त दोषी पाए गए और प्रत्येक को आजीवन कारावास व पचास-पचास हजार रूपये जुर्माने से भी दंडित की है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दी है कि जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर अतिरिक्त छः मास को सजा भुगतनी होगी.

उल्लेखनीय हैं कि दोकटी थाने द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 498/2017 में बहुआरा गांव निवासी अभियुक्त राज नारायण सिंह पुत्र मुनेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह पुत्र स्व.परमा सिंह ,धर्मेंद्र सिंह पुत्र जितेंद्र सिंह ,सागर सिंह उर्फ राम लखन पुत्र लाल पुत्र लाल जी को न्यायालय ने भादवि की धारा 302 के तहत अभियोजन की ओर से डॉ निर्भय नारायण सिंह ,संदीप तिवारी व बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत उक्त सजा सुनाई है।
क्या है घटना?। दोकती थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुआरा हैं निवास अमित सिंह पुत्र स्व. सुमेर सिंह ने थाने ने एक लिखित आवेदन दिया था।
21मई 2017 को सांय 7बजे बालक बाबा के स्थान के सामने उसके पिता को गोली मारकर हत्या कर दिए है। हत्या करने के कुछ समय पहले हम लोग एक साथ एक बाइक पर सुमेर सिंह व उनका चालक शोभित सिंह बैठे थे तथा दूसरी बाइक पर अमित व चुन्नू मिश्रा बैठकर साथ में निमंत्रण पर जा रहे थे कि बालक बाबा के स्थान के पास चार लोग बाइक को रोक कर गोली मार दिए जैसे ही उन लोगो को पकड़ने के लिए दौड़ाए की फायर करते हुए भाग गए। जिसमे चारों लोग राज नारायण,जितेंद्र , धर्मेंद्र व सागर सिंह थे। इस घटना के उपरांत वादी अमित के तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। एस एच ओ दोकती द्वारा विवेचना प्रारंभ की गई- विवेचना पूरी होने के उपरांत विवेचक द्वारा चारों के विरुद्ध सी जे एम के अदालत ने चार्ज शीट प्रेषित किया और सी जे एम ने 5सितंबर 2017 को सेसंस न्यायालय में सुपुर्द कर दिया। फिर सभी आरोपितों का आरोप बनाया गया। गवाही प्रारंभ हुई और अभियोजन तथा बचाव पक्षों द्वारा अपनी अपनी दलीलें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई सम्यक विचारोपरांत अदालत ने उक्त फैसला सुनाई है।
वादी मुकदमा अमित कुमार सिंह ने कहा कि हमे न्याय मिला है अदालत पर मुझे पूरा भरोसा था कि न्याय मिलेगा जो मुझे न्याय मिला और मैं इस फैसला से संतुष्ट हूं।
मुल्जिम- राज नारायण सिंह ने कहा कि इस घटना से मुझे दूर दूर तक कोई वास्ता सरोकार नहीं रहा है। मेरे साथ पुलिस द्वारा फंसाकर अन्याय किया गया है इस फैसले के खिलाफ मान.उच्च न्यायालय में अपील करेंगे और मुझे पूरा भरोसा है कि मुझे वहां न्याय मिलेगा।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
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