
रौद्र रूप देखकर सिहर जा रहे तटवर्ती वाशिंदे
बलिया। सरयू की उफनायी लहरों ने एक बार फिर से तांडव मचाना शुरू कर दिया। अब तक सरयू नदी की लहरों ने 15 परिवारों का आशियाना छीन लिया। ऐसे में सरयू के किनारे रह रहे लोगों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। अब लोग बस यही सोच रहे हैं कि कैसे आशियानें को उग्र व उफनायी लहरों से बचाया जाय।
द्वाबा के सुरेमनपुर दीयरांचल में गोपालनगर टाड़ी गांव में सरयू किनारे बसे लोग जो कल तक स़ुकून के साथ जी रहे थे, उन्हें भी लहरों के भय सताने लगा है। गांव में बच्चे खेल रहे थे। बुजुर्ग सुबह में अपने दरवाजे पर टहल रहे थे। नदी किनारे की स्वच्छ हवा उन्हें हर दिन ताजगी का अहसास कराती थी, लेकिन अचानक मंगलवार से सरयू ने तेवर तल्ख कर लिया। कटान में घर गिरने लगे। पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। पहले दिन 25, दूसरे दिन 15 और तीसरे दिन गुरुवार को 15 मकान नदी में समाहित हो गए। अब लोग जहां-तहां आश्रय लिए हैं। तहसील प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच रहे हैं लेकिन आश्वासन के अलावा और कुछ भी नहीं दे रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि तहसील प्रशासन प्रयास करता तो कटान रोकने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते थे, लेकिन प्रशासनिक लोग सभी को उनके हाल पर छोड़ दिए हैं। बेघर हुए लोगों की गांव के लोग ही मदद कर रहे हैं। कोई भोजन का इंतजाम कर रहा है तो कोई रहने की व्यवस्था कर रहा है। कई लोग कटान के मुहाने पर खड़े मकानों से लोगों को सामान निकालने में भी मदद कर रहे हैं।
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