पुलिस की लगातार दबिश के बीच सीधे CJM अदालत पहुंचा रामकरन, सूचना तंत्र पर उठे सवाल; ‘सफेदपोश’ की मदद की चर्चा

बलिया। चर्चित अमरेश बहादुर सिंह ‘फौजी’ हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रामकरन ने मंगलवार को बलिया की सीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पर बलिया पुलिस की ओर से ₹25 हजार का इनाम घोषित था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।

पुलिस की ओर से लगातार तलाश और कार्रवाई के दावों के बीच आरोपी का सीधे अदालत पहुंचकर सरेंडर करना अब पुलिस की कार्यप्रणाली और सूचना तंत्र को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। चर्चा यह भी है कि जब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही थीं, तो वह पुलिस की पकड़ में आने से पहले अदालत तक कैसे पहुंच गया?
इसी बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या किसी प्रभावशाली ‘सफेदपोश’ के जरिए आरोपी के अदालत में आत्मसमर्पण की रणनीति तैयार की गई? हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम, उसके फरार रहने के दौरान संपर्क में रहे लोगों और संभावित संरक्षण देने वालों के बारे में पूछताछ कर सकती है। पुलिस की जांच से यह भी सामने आ सकता है कि ₹25 हजार का इनामी आरोपी इतने दिनों तक पुलिस की गिरफ्त से कैसे बाहर रहा।
रामकरन के अदालत में सरेंडर के बाद बलिया पुलिस के सूचना तंत्र, मुखबिर तंत्र और जमीनी कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ पर निगाहें टिकी हैं।