प्रशासन के अफसरों ने किसी तरह से हटवाया रविदास की प्रतिमा
चिलकहर। गडवार थाना क्षेत्र के नरांव गांव स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में हरिजन बस्ती के लोगों ने संत रविदास का फोटो रख झंडा गाड़ देने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। पिछले तीन दिनों से काफी मान मनौवल के बाद भी मामला नहीं सुलझ सका । हालांकि सूचना के बाद पहुंची गड़वार पुलिस सोमवार के दिन पूरे दिन मशक्कत करने के बाद भी दोनों पक्ष मानने को तैयार नहीं थे । हालांकि इसको लेकर दोनों पक्षों में काफी तनाव बरकरार है। देर शाम तक मंदिर प्रांगण में दोनों पक्षों से सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा थे। मंगलवार को तनाव को देखते हुए पीएसी भी बुला ली गयी। देरशाम को किसी तरह से प्रशासन ने रविदास की प्रतिमा को विवादित स्थल से हटा दिया।
गड़वार थाना क्षेत्र के नरांव के शिव मंदिर के प्रांगण में रविदास का फोटो तीन दिन पहले रख दिया था। जिसको लेकर सोमवार के दिन काफी मान मनौव्वल हुआ। लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। वहीं मंगलवार के दिन सुबह तो तहसीलदार रसड़ा की मौजूदगी में समझाने का खूब प्रयास किया लेकिन दोनों पक्ष के लोग नहीं समझ पाए जैसे ही पुलिस वहां से निकली एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर चढ़कर खूब ईट पत्थर लाठी-डंडे चलाएं। जिसमें कुछ लोगों को हल्की चोटें आई है। उसके बाद करीब आधा दर्जन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई मौके पर पहुंचे एसडीएम रसड़ा दीपशिखा सिंह काफी प्रयास की लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया अभी भी दोनों पक्षों में तनाव बरकरार है मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। पहले गांव में पंचायत के माध्यम से इस को सुलझाने का प्रयास किया गया लेकिन देखते ही देखते मामला तूल पकड़ने लगा रविवार के दिन प्रधान प्रतिनिधि रामजी चौरसिया ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले को सुलझाने का प्रयास की लेकिन मामला सूरज नहीं पाया वही सोमवार के दिन भी पूरा दिन प्रयास करने के बाद भी मामला सुलझ नहीं पाया मंगलवार के सुबह सीओ सिटी तहसीलदार रसड़ा काफी प्रयास किए लेकिन दोनों पक्ष मानने को तैयार नहीं थे जैसे ही दोपहर मे वीआईपी कार्यक्रम के लिए निकली एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के दरवाजे पर चढ़कर खूब ईट पत्थर चलाया जिसमें कुछ महिलाएं और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए उसके बाद गांव में और तनाव बरकरार हो गया। करीब आधा दर्जन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई किसी तरह मामले को शांत कराया गया हालांकि पुलिस ने एसडीएम रसड़ा दीपशिखा सिंह के नेतृत्व में एक पक्ष को बुलाकर समझौता की बात की। लेकिन मामला फिर भी सुलह नहीं हो सका। अभी भी दोनों पक्षों में काफी आक्रोश व्याप्त है मौके पर पीएसी के साथ ही बलिया कोतवाल बालमुकुंद मिश्र, सीओ सिटी भूषण वर्मा, सुखपुरा इंस्पेक्टर दुर्गेश्वर मिश्र, दुबहर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह महिला थानाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
काश! पहले एलर्ट होती पुलिस
वहां पर मौजूद संभ्रांत लोगों का मानना है कि यदि पुलिस इस मामले को शुरू में ही गंभीरता से ली होती तो शायद यह मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से यह मामला तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। कहीं राजनीतिक रूप ना ले ले इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं देर शाम तक होती रही और पुलिस के सामने ही एक पक्ष के लोगों ने ईट पत्थर और लाठी डंडे के साथ उनके घरों पर चढ़कर हमला बोल दिया इस दौरान जमकर ईंट पत्थर और लाठी डंडे चले जिसमें आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए जिसको लेकर पुलिस की खूब पूरे दिन किरकिरी हुई
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