प्रयोगों और मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की वैज्ञानिक प्रतिभा, नागाजी माल्देपुर प्रथम

नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर, बलिया में सत्र 2026-27 के अंतर्गत संकुल स्तरीय संस्कृति ज्ञान-विज्ञान एवं गणित मेले का आयोजन किया गया। मेले में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों से संबंधित प्रयोगों, मॉडलों और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तार्किक क्षमता तथा नवाचार कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नागाजी माल्देपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार तिवारी, प्रबंधक संजय कुमार कश्यप एवं कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश राय उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, तर्कशक्ति एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरवबोध विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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मेले से पूर्व बलिया के युवा कल्याण अधिकारी रवि मिश्रा ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान के प्रयोगों एवं मॉडलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासा, प्रयोगात्मक क्षमता और नवाचार के प्रति रुचि की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। प्रयोगों एवं गतिविधियों के माध्यम से प्राप्त ज्ञान अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने और नए प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया।

विद्या भारती की शैक्षिक दृष्टि के अनुरूप आयोजित इस मेले में भारतीय संस्कृति, संस्कार, वैज्ञानिक चेतना और गणितीय समझ के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। मेले ने यह संदेश दिया कि संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास ही विद्यार्थियों को ज्ञानवान, आत्मनिर्भर और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नागाजी माल्देपुर की प्रथम स्थान की उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण रहा।