करोना महामारी के इस दौर में जहां सरकारी संस्थाओं एवं बैंक्स इत्यादि में रिटर्न बहुत कम हो गए हैं तो वही निवेशक बाजार में जारी उथल-पुथल की वजह से स्टॉक्स में पैसा लगाने से डर रहे हैं। ऐसे में इंडेक्स फंड एक ऐसा जरिया है जिसमें निवेश करके ना सिर्फ अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है बल्कि इसमें निवेशक को जोखिम भी बहुत कम होता है। इंडेक्स फंड, म्यूच्यूअल फंड की एक कैटेगरी है जिसके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते, लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच में इस प्रकार के फंड्स में निवेशकों का इंटरेस्ट बहुत बड़ा है, इसकी वजह यह है कि यह फंड सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है.
इंडेक्स फंड को जोखिम रहित और लो कॉस्ट इन्वेस्टमेंट माना जा सकता है, यह फंड उन निवेशकों की समस्याओं को दूर कर सकता है जो सीधे शेयर मार्केट में निवेश नहीं करना चाहते या जिन्हें जोखिम लेना पसंद नहीं है.
इंडेक्स फंड शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50 मे निवेश करते है़। इंडेक्स में सभी कंपनियों का जितना भी वेटेज होता है स्कीम में उसी के अनुपात में शेयर खरीदे जाते हैं.
इंडेक्स फंड्स में एक्सपेंस रेशियो कम होने के कारण यह कम खर्चीला होता है। इसके अलावा इंडेक्स फंड में एक और फायदा यह होता है कि किसी शेयर में पैसा लगाने के बजाय यह इंडेक्स में शामिल शेयरों में पैसा लगाता है। ऐसा करने की वजह से इसके पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का मौका मिलता है और यदि किसी एक कंपनी के शेयरों में कमजोरी आती है तो दूसरे में ग्रोथ होने की वजह से रिटर्न बैलेंस हो जाता है.
इंडेक्स फंड्स में किसे निवेश करना चाहिए
जैसा कि ऊपर हमने बताया कि इंडेक्स फंड वह फंड होते हैं जो कि स्टॉक्स में निवेश करते हैं। बहुत सारे स्टॉक्स मिलकर के इंडेक्स फंड का निर्माण करते हैं, भारत में सेंसेक्स और निफ्टी फिफ्टी शेयर बाजार के इंडेक्स में इंडेक्स फंड निवेश करते हैं।
इस तरह से इंडेक्स फंड उन लोगों के लिए बेहतर है जो बाजार का फायदा तो लेना चाहते हैं लेकिन जोखिम नहीं लेना चाहते।
इंडेक्स फंड काम कैसे करता है
इंडेक्स फंड में जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह कि इस तरह के फंड में किसी भी फंड मैनेजर की जरूरत नहीं होती है। इसमें सेंसेक्स 30 या निफ़्टी 50 के सभी टॉप कंपनियों को लिस्ट कर लिया जाता है और जो कंपनी इस लिस्ट से बाहर होती है वह आपके पोर्टफोलियो से भी बाहर हो जाती है इसी वजह से इस प्रकार के फंड्स में एक्सपेंस रेशियो कम होता है क्योंकि आपके इंडेक्स फंड को मैनेज करने के लिए किसी फंड मैनेजर की जरूरत नहीं पड़ती है और फंड का रिटर्न सेंसेक्स या निफ़्टी इंडेक्स के अनुसार ही मिलता है।
इंडेक्स फंड के फायदे
- इंडेक्स फंड में निवेश करना सस्ता होता है क्योंकि यहां किसी प्रकार के फंड मैनेजर की जरूरत नहीं पड़ती है।
- इंडेक्स फंड में निवेश करने के बाद आपको बार-बार स्टॉक को जांचने परखने की जरूरत नहीं पड़ती है।
- इंडेक्स फंड में आप एसआईपी के माध्यम से भी निवेश कर सकते हैं।
- इस प्रकार के फंड का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपका निवेश सभी टॉप कंपनियों में हो जाता है जिससे कि आपका जोखिम कम हो जाता है।
संक्षेप में हम यह कह सकते हैं की कोविड-19 के दौरान लोगों का इंडेक्स फंड के प्रति रुझान बढ़ा है। ऐसा होने के पीछे जो महत्वपूर्ण कारण है वह यह की इसमें जोखिम बहुत कम है और साथ ही रिटर्न के बारे में भी बहुत कुछ सोचना नहीं पड़ता। इसमें लगाया गया पैसा इंडेक्स के रिटर्न के लगभग बराबर होता है।
अगली बार बात करेंगे हाइब्रिड फंड्स के बारे में, हाइब्रिड फंड क्या होता है, किस प्रकार के लोगों को इसमें इन्वेस्ट करना चाहिए, कितना रिटर्न मिल पाता है, इन सब बातों पर अपने अगले लेख में बताऊंगा, अब तक के लिए अपने फाइनेंसियल एडवाइजर को पढ़ते रहिए और अपने सवाल पूछते रहिए, आज के लिए बस इतना ही।
आपकी टिप्पणियों और विचारों का स्वागत है!

अमित कुमार श्रीवास्तव सीईओ : आपका मनी डॉट कॉम
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