पुलिस महकमे की चालबाजी व कृत्य की चहुंओर हो रही निंदा
बलिया नगर पालिका परिषद के सभासद विकास पांडेय लाला को शहर कोतवाली पुलिस ने पकड़कर शनिवार की दोपहर बाद चालान कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से सभासद समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि पुलिस भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले जनप्रतिनिधि के साथ गलत कर रही है। सभासद विकास पांडेय की गिरफ्तारी को लेकर जहां लोगों में उबाल है, वहीं पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
बलिया के ऐतिहासिक ददरी मेला के मीना बाजार के कैम्प कार्यालय में नगर पालिका परिषद गुरुवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा के साथ हुए दुर्व्यहार के मामले में पुलिस ने आरोपित वार्ड संख्या 16 के सभासद विकास पांडेय लाला को शनिवार कोतवाली पुलिस इस दोबारा धोखे से कोतवाली बुलाकर चालान कर दिया। हालांकि पुलिस ने जिन मामलों को आधार बनाया है। जिसमें गिरफ्तारी का प्रावधान भी नहीं है।
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सूत्रों की माने तो ददरी मेला के मीना बाजार में नगर पालिका परिषद के कैम्प कार्यालय पर अधिशासी अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच वार्ड न0 16 के सभासद विकास पांडेय पहुंच गये और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मौके पर मौजूद मेला थाना प्रभारी नंदकुमार तिवारी ने विकास को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। बताया जाता है कि ईओ की तहरीर पर पुलिस ने फिरौती मांगने, जान से मारने की धमकी देने तथा दुर्व्यहार करने का केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने तत्कालिक तौर पर तो आरोपित सभासद को छोड़ दिया, लेकिन शनिवार को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नगर कोतवाल बालमुकुंद मिश्र का कहना है कि ईओ की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच की गयी। इसके बाद आरोपित सभासद विकास पांडेय लाला को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि विकास पांडेय को सिर्फ शर्तों के आधार निजी मुचलके पर छोड़ा गया था। लेकिन वह उन शर्तों की अवहेलना करते हुए इओ को दोबारा धमकियां देना शुरू कर दिया। जिसके बाद पुनः गिरफ्तार कर चालान करना पड़ा।
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