कटहल नाला पुल क्षतिग्रस्त होने से हर आधे घंटे पर लग रही है जाम


बलिया: शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाला कटहल नाला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की समस्या बढ़ गया है. इसके चलते वाहनों की रफ्तार थम गयी तथा लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुल मरम्मत के बाद भी बड़े वाहनों का संचालन दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुल के रास्ते नहीं हो सका। कटहल नाला पर पुल बनाने में काफ़ी समय लग गया है. ऐसे में लोगों का सवाल उठाना लाजिमी है कि आखिर कितने दिनों में यह नया पुल कटहल नाला पर बनकर तैयार हो जाएगा.


ऐसे में बसों व ट्रकों को रुट डायवर्ट कर चलाया गया। शहर के चित्तु पांडे चौराहा से चंद कदम की दूरी से गुजर रहे कटहल नाला (एनएच 31) पर चार दशक पुराना पुल है। कुछ दिनों से उसके बगल में नये पुल का निर्माण हो रहा है। इसी बीच पुराने पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते पुल के दोनों तरफ घंटों जाम लग रहा है. आलम यह है कि इस मार्ग से गुजरने के लिए एक बार सोचना पड़ रहा है.
इस पुल को किसी प्रकार से ठीक करने के बाद उससे आवागमन हो रहा था, लेकिन बीते दिनों एक बार फिर बड़ा हिस्सा धंस गया। इसके बाद पुल की आधी सड़क से केवल छोटी गाड़ियां चल रही थी।

रात में पुल का मरम्मत किया गया, बावजूद इसके हादसे की आशंका बनी हुई है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस के कहने पर शुक्रवार को फेफना होकर आने-जाने वाली रोडवेज व निजी बसों का रुट डायवर्ट कर दिया गया। उन्हें एहतियातन गड़वार के रास्ते चलाया जा रहा है। इसी प्रकार भरौली, रसड़ा, चितबड़ागांव की ओर से आने वाले ट्रकों व अन्य मालवाहकों को फेफना से गड़वार के रास्ते भेजा जा रहा है। बैरिया की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को चिरईया मोड़ से रेवती, सहतवार, बांसडीह के रास्ते चलाया जा रहा है।

स्कूली बसों को भी पुल नहीं पार करने की अपील की गयी है। इस सम्बंध में टीएसआई समद खान ने बताया कि कमजोर होने के चलते खतरा बना हुआ है। ऐसे में अधिकारियों के निर्देश पर यह व्यवस्था की गयी है। पुल से भारी वाहन नहीं गुजरे इसके लिए थानों को अलर्ट किया गया है।