आंदोलन हेतु समर्थन पत्र पर करा रहे हस्ताक्षर

दो फाड़ होने से सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं में मचा हड़कंप
विधि संवाददाता
बलिया: सिविल कोर्ट के सिविल मामलों की सुनवाई को लेकर जजी कैंपस में चर्चाओं का बाजार गर्म है और अधिवक्तागण आक्रोश में है तथा आंदोलन करने के मूड में दिखने लगे है। अधिवक्ताओं का एक गुट बस्ते बस्ते भ्रमण कर आंदोलन के लिए समर्थन पत्र पर अधिवक्ताओं का दस्तखत कराना शुरू कर दिए। उक्त अधिवक्ताओं के समर्थन पत्र में अभी तक दो सौ अधिवक्ताओं का दस्तखत हो चुका है और आगे आंदोलन हेतु दस्तखत जारी है.
अदालती सूत्रों की माने तो सब्जी मंडी में सिविल के लगभग सभी अदालतें शिफ्ट हो रही है जिसमें सिविल जज(जू डी) पूर्वी, पश्चिमी, सिविल जज (सी डी) अपर सिविल जज(सी डी)समेत लगभग ग्यारह अदालतें नए भवन में शिफ्ट हो रही है आधी कचहरी खाली हो जाएगा। जिसके वजह से अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश है। यहां तक कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सृजित हुआ है तथा उक्त न्यायालय में महिलाओं से संबंधित मामले देखे जाते है प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में फिलहाल लीगल एड क्लीनिक , परामर्श केंद्र , महिलाओं के लिए यूरिन का व्यवस्था , काउन्सिलर, काउंसिलिंग भवन, महिलाओं को एकांत में बैठकर अपने पति से बात करने का कमरा यहां तक कि महिलाओं के लिए स्तन पान की सेपरेट व्यवस्थाओं से लैस है और सब्जी मंडी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है फिर भी परिवार न्यायालय वहां क्यों शिफ्ट हो रहा है समझ से परे है। सिविल कोर्ट के दो फाड़ होने से अधिवक्ता आक्रोशित है तथा आंदोलन के मूड में है.
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट