बलिया। हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकाल कर, मेरे देश को रखना मेरे बच्चों संभाल कर....। यह उद्गार व्यक्त किया डॉ रामकृष्ण उपाध्याय ने कुंवर सिंह महाविद्यालय में आयोजित आज़ादी के अमृत महोत्सव को संबोधित करते व्यक्त की। मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में देशभक्ति का जज्बा भरते हुए उन्होंने जंगे आजादी में बलिया वासियों के अमूल्य योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्राप्त आजादी को बचाए रखना हम सभी देशवासियों का पुनीत कर्तव्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर (प्रो.) अंजनी कुमार सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में भारत की पहचान को स्वतंत्र भारत की एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में व्याख्यायित किया। कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे कर चुके राष्ट्र की एक सशक्त पहचान तभी बन पाएगी जब हम जातिवाद संप्रदायवाद और नारी मुक्ति की समस्याओं से देश को पूरी तरह निजात दिला सकेंगे। इससे मुक्ति के लिए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।पूर्व में आज़ादी के अमृत महोत्सव कर्यक्रम के अंतर्गत कराये गए विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन रामावतार उपाध्याय एवं आशीष कुमार ने किया। विमल कुमार यादव के कुशल संचालन में कार्यक्रम अपने उद्देश्य में सफल रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।