महापंचायत में अधिवक्ताओं ने मोदी मुर्दाबाद और योगी मुर्दाबाद के नारे किए बुलंद
राज्य एवं केंद्र सरकार को चेताया कि अधिवक्ताओं की मांगे पूरी नहीं हुई तो उतरेंगे सड़क पर
विधि संवाददाता

बलिया : पूरे प्रदेश के बार एसोसिएशन द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अधिवक्ताओं के विभिन्न मुद्दों एवं राज्य तथा केंद्र सरकार द्वारा तानाशाही व मनमाना रुख अख्तियार करने एवं अधिवक्ताओं के विरुद्ध फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराने अधिवक्ता संशोधन विधेयक संशोधन 2025 प्रस्तावित करने को लेकर एकत्रित अधिवक्ताओं ने क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के ऊपरी तल पर अधिवक्ता सभागार में महापंचायत संपन्न हुई। इस मौके पर वकीलों ने राज्य एवं केंद्र सरकार को चेताया कि अधिवक्ताओं की मांगे पूरी नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे। महापंचायत में अधिवक्ताओं ने मोदी मुर्दाबाद और योगी मुर्दाबाद के नारे बुलंद किए।

महापंचायत में प्रदेश के विभिन्न जिलों के वाराणसी से अवधेश सिंह के नेतृत्व में जौनपुर के सुभाषचंद्र यादव, आजमगढ़ से वीरेंद्र यादव, मेरठ से रविन्द्र कुमार सिंह, प्रयागराज से दिनेश पांडेय , बलरामपुर से भगवानदास सिंह, पीलीभीत से मोहन गिरी, देवरिया से सिंहासन गिरि, बस्ती से अजय सिंह, कानपुर से नरेंद्र त्रिपाठी, बलिया से रणजीत सिंह, देवेंद्र कुमार दूबे, व राजेश श्रीवास्तव, गोरखपुर से भानु प्रताप पांडेय , सिद्धार्थनगर से इंदु कुमार सिंह, अयोध्या से गिरीश तिवारी, आंबेडकर नगर से के डी शुक्ला, सोनभद्र से सत्यदेव पांडेय , मऊ से दरोगा सिंह, मिर्जापुर से संजय उपाध्याय, समेत आदि जिलों के अध्यक्ष मंडल एवं अन्य पदाधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सहभागिता रही।

जिसमें अधिवक्ताओं अपने अपने संबोधन भाषण में कहा कि विधि कार्य विभाग भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 तत्काल वापस लिए जाए। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए। वकीलों के लिए लोक कल्याणकारी योजनाएं चालू किया जाए, सामूहिक स्वास्थ बीमा योजना के अंतर्गत दस लाख रुपए की न्यूनतम धनराशि आच्छादित किया जाए, रिक्त स्थानों को भरा जाए, प्रदेश के समस्त न्यायालयों में सी सी टी बी कैमरा लगाया जाए, समस्त कार्यवाही का डिसप्ले प्रसारण वादकारियों के समक्ष प्रदर्शित किया जाए।
युवा अधिवक्ताओं को सात साल तक 15हजार रूपये मासिक स्टाइपेंट एवं 62वर्ष से अधिक वरिष्ठ वकीलों के लिए न्यूनतम 10हजार रूपये मासिक पेंशन दी जाएं। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए लोकसभा एवं विधान परिषद में अधिकाधिक सीट आरक्षित करने से लेकर तमाम मुद्दे महापंचायत में छाए रहे। जिसमें सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार दूबे, कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव तथा क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह मंचासीन रहे तथा अध्यक्षता भी किए। उनके साथ सिविल एवं क्रिमिनल बार एसोसिएशन के समस्त वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित थे।
इस महा पंचायत के कार्यक्रम का संचालन महासचिव रामविचार यादव ने किया।
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