बलिया। नगर के ऐतिहासिक बालेश्वर मंदिर तिराहा स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर से आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि के पावन अवसर पर जगन्नाथ पूरी (पुरी) की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरे श्रद्धा, उल्लास और परंपरा के साथ निकाली गई। मंदिर के सर्वाकार अंकित बरनवाल एवं पुजारी पंडित शत्रुघ्न पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि संध्या 4:00 बजे भगवान जगन्नाथ, बलराम एवं सुभद्रा के पवित्र विग्रह को गर्भगृह से धूमधाम से पूजन-अर्चन के बाद रथ पर विराजमान कराया गया।

अंकित बरनवाल ने बताया कि उनके पितामह बाबू कमलेश्वर प्रसाद के पूर्वजों ने वर्ष 1901 में इस ठाकुर बाड़ी मंदिर का निर्माण कराया था। तभी से यह अनुपम रथयात्रा परंपरा लगातार 124 वर्षों से निर्बाध रूप से चली आ रही है। यह रथ सागौन और शीशम की लकड़ी से निर्मित है, जिसका कुल वजन लगभग 3 टन है। भगवान का नीम की लकड़ी का विग्रह रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। जय जगन्नाथ के नारे के साथ नगर में भव्य झांकी निकाली गयी। वहीं इस्कान संस्था के लोगों नगर आई टी आई कॉलेज चौराहा से भगवान भगवान जगन्नाथ, बलराम एवं सुभद्रा की झांकी निकाली गयी।

भक्तगण रथ की रस्सियों को हाथ से खींचते हुए जयकारों के बीच यात्रा में शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों माल गोदाम रोड, रेलवे स्टेशन, चौक, गूदरी बाजार, विजय सिनेमा रोड और हनुमानगढ़ी होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंची। वहां भगवान के विग्रह को जय-जयकार और घंटानाद के बीच उतारकर गर्भगृह में स्थापित किया गया।

तदुपरांत सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में कन्हैया पांडेय, हिमांशु बरनवाल, प्रज्ञान्शु बरनवाल, दीपक बरनवाल, धीरज यादव, लालू जी, अनूप अग्रहरि, अनुज अग्रहरि, सुर्यांशुं बरनवाल, मुकुंद पांडेय, श्रीप्रकाश पांडेय समेत नगर के असंख्य श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए और पुण्य लाभ अर्जित किया।