बलिया: मधुमेह निवारण के लिए सबसे सार्थक दवा इंसुलिन के आविष्कार का यह 100 वां साल है। चिकित्सा जगत में 14 नवंबर को प्रत्येक वर्ष विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया में लाखों मधुमेह पीड़ित ऐसे लोग हैं. जिनतक उनके आवश्यकता अनुसार चिकित्सा सुविधा नहीं पहुंच पाती है और न तो देखभाल हो पाती है।  विश्व मधुमेह दिवस पर जानकारी देते हुए यह बातें  बलिया मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बलिया के सचिव डॉ ए. के गुप्ता ने कही. बताया कि इंसुलिन के अनुसंधान शताब्दी पर विश्व मधुमेह दिवस 2021 से 2023 तक हमारा ध्येय है मधुमेह मरीजों की देखभाल।


बताया कि इस बार के विश्व मधुमेह दिवस पर आईएमए की ओर से पूरे दिन रात का वृहत कार्ययोजना संचालित की जा रही है। इस बार का थीम मधुमेह जटिलता मुक्त भारत रखा गया है। साथ ही वॉकथॉन के अलावा कई अस्पतालों में मधुमेह जांच शिविर एवं सीएमई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मौके पर डा. ददन राय, डॉ आरके केजरीवाल, डा. बीके गुप्ता डॉ जे. पी. सिंह उपस्थित रहे। इस मौके पर जीवनशैली में समुचित बदलाव के लिए दी.

बलिया मेडिकल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डा. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि असंक्रमित बीमारियों में मधुमेह, रक्तचाप और हड्डी का खोखलापन को गुप्त हत्यारा का दर्जा प्राप्त है। अनियंत्रित मधुमेह से जनित अंधापन, ह्दय रोग, पक्षाघात, रिस्ते घाव, गिरती रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि को नियंत्रित करने एवं जीवनशैली में समुचित बदलाव के परामर्श से समाज को सचेत करना आईएमए की प्राथमिकताएं हैं। अन्य विभिन्न सामाजिक संगठनों के इस संबंध में प्रयासों के अलावा हमारा संगठन मधुमेह और इससे जनित जटिलताओं से बचने के प्रति जागरूकता अभियान में वृहत भूमिका निभाता रहा है। डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि आई एम ए से सम्बद्ध सभी चिकित्सक आज से निःशुल्क मधुमेह शिविर भी लगाएंगे. जहाँ मरीजों व उनके तिमारदारों को इसके प्रति जागरूक किया जायेगा.