
बलिया। बिजली दरों बढ़ोत्तरी सहित तमाम मांगों के समर्थन में 12 फरवरी को घोषित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर आज बलिया जनपद में विभिन्न कर्मचारी, श्रमिक एवं किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार हड़ताल और रैली का आयोजन किया। हड़ताल के समर्थन में टाउन हॉल, बलिया से एक विशाल रैली निकाली गई, जो चित्तू पांडेय चौराहे से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान श्रमिकों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में जोरदार तरीके से प्रदर्शन करते हुए आवाज बुलंद की।
रैली में बड़ी संख्या में कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, राज्य कर्मचारी, मेडिकल प्रतिनिधि, विभिन्न श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ता तथा किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। किसानों ने भी बढ़ती लागत, फसलों के वाजिब दाम, एमएसपी की कानूनी गारंटी, बिजली दरों में वृद्धि और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की श्रम व किसान विरोधी नीतियों, निजीकरण, ठेका प्रथा, श्रमिक अधिकारों में कटौती, महंगाई, पुरानी पेंशन बहाली, न्यूनतम वेतन की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा की मजबूती, आशा एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण तथा श्रम कानूनों में संशोधन जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से रखा।
जिलाधिकारी कार्यालय पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियाँ लगातार श्रमिकों, कर्मचारियों और किसानों के अधिकारों पर हमला कर रही हैं। सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण, चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिक अधिकारों को कमजोर करना, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलना तथा बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण न होना गंभीर चिंता का विषय है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा का संचालन सीआईटीयू के राज्य कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र सिंह ने किया।
सभा को संबोधित करने वालों में अजय सिंह (अध्यक्ष, जिला श्रमिक समन्वय समिति), राजेश रावत (अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी महासंघ), शशि सिंह (जिला अध्यक्ष, आशा कर्मचारी यूनियन), राम कृष्ण यादव, जनार्दन सिंह, वेद प्रकाश पांडेय, श्वेता मिश्रा, लक्ष्मण पांडेय, सुशील त्रिपाठी, शिवनाथ, आलोक मिश्रा, महंथ गोस्वामी, केएन उपाध्याय तथा परमात्मा राय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अंत में मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को प्रेषित किया गया। आयोजकों ने हड़ताल को पूर्णतः सफल बताते हुए सभी कर्मचारी, श्रमिक एवं किसान संगठनों का आभार व्यक्त किया।