कबिना मंत्री को कुछ भी बोलना पड़ेगा भारी
न्यायालय ने थाने से मांगी रिपोर्ट, थाने द्वारा मंत्री के संबोधन भाषण को किया स्वीकार और कोर्ट में भेजी आख्या
विधि संवाददाता
बलिया : चितबड़ागांव थाना अंतर्गत बसुदेवा गांव के मुख्य द्वार पर महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा निर्माण के लिए आयोजित भूमि पूजन में प्रदेश सरकार के कबिना मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा संबोधित भाषण में हनुमान जी को राजभर जाति बताने वाले मामले सिविल जज(सी डी) एम पी/एम एल ए कोर्ट सुश्री गार्गी शर्मा ने सुखपुरा थाने क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी नवीन राय के शिकायती परिवाद पत्र की सुनवाई के दौरान थाने द्वारा उक्त मामले में रिपोर्ट 01फरवरी को तलब की गई थी। जिसमें मंगलवार को सुनवाई हुई तो थाने द्वारा यह रिपोर्ट दी गई है कि 18दिसंबर 2024 को कबिना मंत्री महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन जनसभा में आए थे और भाषण भी दिए थे परंतु आवेदक द्वारा लगाए गए आरोप के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य नहीं मिला। और अभिलेख के मुताबिक कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है।
थाने द्वारा दी गई आख्या के उपरांत न्यायालय ने सुनवाई की अग्रिम तारीख 10मार्च 2025 को मुकर्रर की गई है।
अदालती सूत्रों के मुताबिक चितबड़ा गांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बसुदेवा गांव में 18दिसंबर 2024 को महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम था जिसमें कबिना मंत्री ओमप्रकाश राजभर सभा को संबोधित किए और हनुमान जी को राजभर जाति का बताया। जिसपर सुखपुरा थाना क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी नवीन राय ने कबिना मंत्री के विरुद्ध सिविल जज (सी डी)/ एम पी एम एल ए कोर्ट गार्गी शर्मा के न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल कर शिकायत की और शिकायती पत्र में कहा कि हनुमान जी को किसी जाति धर्म में बांधा नहीं जा सकता। यह बयान काबिना मंत्री ने जो कहा है बिल्कुल सत्य से परे और हनुमान जी के सम्मान को ठेस पहुंचा है जो घोर आपत्तिजनक है। जिसमें न्यायालय ने थाने से रिपोर्ट मांगी गई थी।
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
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