रेवती थाना अंतर्गत श्रीनगर गांव में पांच साल एक माह 24 दिन पूर्व घटित हुई जघन्य अपराध

विधि संवाददाता

बलिया: लगभग पांच वर्षों पूर्व रेवती थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव में रात्रि साढ़े दस बजे बदमाशों ने घर में घुस पहले महिला को दाव व चाकू से प्रहार कर हत्या किए इसके बाद उसकी बेटी को भी नहीं बख्शा और चाकू घोंप कर बुरी तरह घायल कर दिए थे। उसी मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की न्यायालय ने तीन सगे भाई अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा विभिन्न धाराओं में कुल 15 हजार रूपये जुर्माना लगाई है साथ ही न्यायालय ने आदेश दी है कि जुर्माने की धनराशि भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त छः मास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

अभियोजन के मुताबिक घटना के बारे में रेवती थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव में 31जनवरी 2020 को समय करीब रात्रि साढ़े दस बजे बदमाशों द्वारा उमेश वर्मा के घर में घुस गए और पुरुष वर्ग को घर में बंद कर दिए और ताबड़तोड़ बिन्दु देवी पर चाकू व दाव से हमला किए, जिसके वजह से बिन्दु देवी की इहलीला मौके पर ही समाप्त हो गया। फिर उसकी बेटी अंशु वर्मा पर प्रहार किए तथा चाकू से घोप कर बुरी तरीके से घायल कर दिए जिसका इलाज काफी दिनों तक चलता रहा। इस मामले के वादी उमेश के तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और बगल के एक ही बाप के तीन बेटे संदीप, बबलू और पिंटू पुत्र गण सत्यनारायण वर्मा मुल्जिम बने। तथा जांच के दौरान प्रकाश में आए।

जांच समाप्त होने के उपरांत विवेचक ने 16अप्रैल 2020 को न्यायालय में चार्जशीट भेज दिया।और 5मई 2020 को सी जे एम न्यायालय ने संज्ञान लिया। तथा 30मई 2020को सेशंस कोर्ट में पत्रावली सुपुर्द कर दी गई। इसके बाद परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष से संजीव कुमार सिंह ने समस्त साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही संपन्न कराई और बचाव पक्ष ने अपना तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें अदालत द्वारा खुले कोर्ट में फैसला सुनाई गई है।

*त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट*