
प्रदेश का पहला मुकदमा जिसमे 13 वर्षीय नाबालिग लड़का मिस्ड कॉल से शोषण का बना शिकार, युवती पर दर्ज होगा मुकदमा
विधि संवाददाता
बलिया जिला एवं सत्र न्यायालय के कैंपस के अदालतों में वर्तमान भौतिकता के परिवेश में लगभग अधिकांश पाक्सो से संबंधित मामले लड़कियों के साथ छेड़छाड़ , दुष्कर्म, आदि के आते रहे लेकिन सुनकर शायद आपको आश्चर्य होगा एक 25 वर्षीय लड़की ने नाबालिग -17 वर्षीय(वर्तमान में) लड़के को गलती से गया मिस्ड कॉल अज्ञात नंबर के जरिए बात करना शुरू किया और उसे अपने ग्रिप में लेकर शारीरिक एवं आर्थिक शोषण करती रही, आडियो, वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल कर घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया और पैसा ऐठती रही अंततोगत्वा पीड़ित के परिवार के पिता को जब लड़के के स्वास्थ्य की जानकारी हुई तो किसी तरीके से घर लाया इलाज कराया। इसके बाद सारी कहानी पिता से बयां किया। उक्त घटना की शिकायत वादी ने (पीड़ित के पिता) नरही थाने पर दिया। पुलिस मामले को दर्ज करने की बजाय टालती रही कोई कारवाई नही हुई तो वादी ने पुलिस अधीक्षक के जरिए रजिस्ट्री घटना की शिकायत की। इसके बाद भी हाथ निराशा ही लगी। अंततोगत्वा विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट संख्या आठ प्रथमकांत के न्यायालय में आवेदन दिया। आवेदन पत्र को गंभीरता से विचार करते हुए पत्र स्वीकार कर ली है तथा थाना नरही थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि संबधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए व एक सप्ताह के अंदर कृत कार्यवाही से अदालत को अवगत कराया जाय.
यह आदेश गुरुवार को खुले न्यायालय में सुनाई गयी, अदालती सूत्रों के अनुसार गाजीपुर जनपद के गहमर थाना क्षेत्र के देवकली गांव निवासी अशोक कुमार ने न्यायालय में अर्जी देकर पूरी घटना से अवगत कराई है तथा शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि सन् 2018 में नरही थाना क्षेत्र के उजियार निवासिनी पूजा 25 वर्ष नामक लड़की के मोबाइल पर मेरे नाबालिग 13 पुत्र का मिस्ड कॉल चला गया इसके बाद उसका पुत्र शोषण का शिकार बना और उसके साथ घिनौने कृत्य किए गए.
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