बलिया। सिविल कोर्ट परिसर में कूटरचित व फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सुशील कुमार उपाध्याय पुत्र त्रिभुवन उपाध्याय निवासी सराय मलिक गद्दो थाना मछली शहर जनपद जौनपुर को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया. इससे कोर्ट के कागजात में धांधली करने वाले बाबुओं में हड़कंप मची हुई है.


अभियोजन पक्ष के अनुसार जेएम प्रथम के बाबू ने 23 अगस्त 2024 को कोतवाली में तहरीर दिया था कि अपराध संख्या 22/2024 स्टेट बनाम अभिषेक , धारा 60/63 आबकारी अधिनियम थाना सहतवार व अपराध संख्या 25/24, सरकार बनाम मिथिलेश थाना सहतवार से संबंधित रिलीज आदेश पर फर्जी हस्ताक्षर एवं कार्यालय का मोहर लगाकर जारी कराया गया है, जो मेरे कार्यालय का नहीं है.


बता दें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के उमरगंज निवासी दीपांशु गुप्ता को कोतवाली पुलिस ने करीब एक सप्ताह पूर्व न्यायालय का फर्जी रिलीज आदेश भेजने के मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर 14 दिनों के न्यायिक रिमांड पर जिला कारागार भेजा गया था। इस मामले में पिछले दिनों नए साक्ष्यों को उजागर करने के लिए कोर्ट ने आरोपी को दो दिन पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी।

इस मामले में विवेचना के दौरान कोर्ट में तैनात बाबू सुशील उपाध्याय का नाम आने पर शनिवार को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया. जहां पर सीजे एम पराग यादव की कोर्ट ने सुनवाई के उपरांत 14 दिनों के न्यायिक रिमांड पर जिला कारागार भेज दिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से कोर्ट परिसर में शनिवार को हड़कंप मची रही. इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहा.