अभी भी कई आला अफसरों के गर्दन पर लटक रही तलवार
लखनऊ। यूपी टीईटी पेपर लीक के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार की दोपहर बड़ा एक्शन लिया गया है. इस संबध में परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव संजय उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है. इस प्रकरण में कई आला अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे है। अब देखना यह है कि योगी सरकार किन किन लोगों को राडार पर लिया है और क्या कार्रवाई कर रही है।
सूबे की योगी सरकार ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव संजय उपाध्याय पर ही इस परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी थी. उप्र की योगी सरकार ने पेपर लीक होने के मामले को उनकी बड़ी चूक माना है. निलंबन की अवधि में संजय उपाध्याय को लखनऊ में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है।
इसी क्रम में मंगलवार सुबह यूपी एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता हाथ आई है. गिरफ्तार किए गए अन्य साजिशकर्ताओं से पूछताछ के आधार पर बागपत के बड़ौत में रह रहे एक और साजिशकर्ता को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पहले ही अपना विजन क्लीयर कर दिया है. एक कार्यक्रम में मंच पर मौजूद सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. वे इस मामले में दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उनकी सम्पत्ति को जब्त करने का ऐलान कर चुके हैं. अब तक इस मामले में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 30 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
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