
जयराम अनुरागी
बलिया। जिले के अधिकांश सरकारी अधिकारी सीयूजी नंबर नहीं उठाते हैं। ये भी नहीं कि फोन करने वाले कोई आम लोग होते हैं, बल्कि सरकारी कार्यालयों के जिम्मेदार लोग भी जब प्रगति की जानकारी लेने के लिए फोन करते हैं तो बलिया के अधिकारी जल्दी सीयूजी नम्बर उठाना मुनासिब नहीं समझते। इसे व्यस्तता कहें या कुछ और, ये तो वही लोग जानते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी सरकार की जो मंशा थी, उस पर जनपद के आला अधिकारी पलीता लगाते दिख रहे हैं।

अभी आम लोगों की शिकायत तो अलग है, जो फोन करते-करते तक जाते हैं, लेकिन उनकी कोई सुधि नहीं लेता है। हां, कभी- कभी उनके सहायक जरुर उठा लेते हैं और बोलते हैं कि साहब अभी व्यस्त हैं। ऐसे में इमरजेंसी होने पर फोन डायल करने वालों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में आम आदमी को शासन तक अपनी जानकारी पहुंचाना एक चुनौती बन जाता है। कुछ तो शातिर अधिकारी उस सीयूजी नंबर को अपने मोबाइलों में इस प्रकार व्यवस्थित करके रखते हैं कि वह सीयूजी नंबर हमेशा पहुंच से दूर ही बताता रहता है। बताते चलें कि आमजन की सुविधा एवं लोगों को त्वरित न्याय दिलाए जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को सीयूजी मोबाइल नंबर एलाट किए गए हैं। यही नही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सीयूजी नंबर को व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध रखने का आदेश दे रखा है किंतु सीयूजी नंबर धारक ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों/ कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस आदेश की हवा ही निकाल दी है। सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप चलाने की तो बात दूर है। सीयूजी नंबर पर आई काल तक को रिसीव करना मुनासिब नहीं समझते हैं। अब तो चारों तरफ से यही आवाज आ रही है कि योगी जी जैसे कड़क मुख्यमंत्री के रहते यदि यह हालत है तो दुसरे के रहने पर क्या होगा, पता नहीं। ज्ञातव्य हो कि हर पीड़ित व्यक्ति किसी संकट में यह परेशानी में ही सीधा संवाद अधिकारियों से करके न्याय की उम्मीद करता है, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लग रही है। यही कारण है कि इन बेलगाम और बेअंदाज अधिकारियों के चलते लोगों को सुलभ न्याय नहीं मिल पा रहा है।
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सबको पता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये गये सीयूजी नंबर खुद ही रिसीव करने का सख्त आदेश दे रखा है, इसके बावजूद भी जनपद के अधिकारियों पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। अब तो थक हार कर लोग यह कहने लगे हैं कि योगी जी, अब आप ही कुछ करिये, ताकि जनपद में अधिकारी सीयूजी नंबर उठाने लगे।