ऑर्डर शीट व तिथियों की ओवर राइटिंग का खेल कर रहे थे आरोपी

बलिया। सदर तहसील में तैनाती के दौरान विवादों से गहरा नाता रखने वाले तहसीलदार निखिल शुक्ला पर कोर्ट की निगाह आखिर पड़ ही गयी. ओवरराइटिंग तथा पोर्टल की तिथियां में भिन्नता पाए जाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शांभवी यादव की अदालत में तत्कालीन सदर तहसीलदार निखिल शुक्ला सहित 6 विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.बता दे की वर्तमान में तहसीलदार निखिल शुक्ला दोबारा सदर तहसील में ही तैनात है.

चाहें वह तहसीलदार का न्यायालय को या किसी भी राजस्व न्यायालय की पत्रावलियों के आर्डर शीट में तिथियों का ओवर राइटिंग किया जाना, पेशी बहीं तथा पोर्टल के तिथियों में भिन्नता पाया जाना आदि तथ्य इस ओर इंगित करता है कि निवर्तमान तहसीलदार सदर निखिल शुक्ला, तत्कालीन अहलमद गौरव श्रीवास्तव, पेशकर बृजबिहारी सिंह समेत छः कर्मियों और अज्ञात लोगों द्वारा कूटरचित तरीके से नामांतरण की प्रक्रिया मिलाकर पूरी की गई थी. यह आदेश बुधवार को न्यायालय में सीजेएम शांभवी यादव ने हल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत बबुआपुर (कठहीं) गांव निवासी परशुराम उपाध्याय के अर्जी पर पारित की है।

सीजेएम शांभवी यादव ने एसएचओ /सदर कोतवाली प्रभारी बलिया को आदेशित किया है कि उक्त प्रकरण में तत्कालीन सदर तहसीलदार निखिल चंद शुक्ला सहित छः के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अविलंब कोर्ट में प्रस्तुत किया जाय. साथ ही इस प्रकरण की नियमानुसार विवेचना प्रारंभ किया जाय।

हल्दी थाना क्षेत्र के कठही गांव निवासी परशुराम उपाध्याय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक वाद दाखिल दिनांक 30सितंबर 2023 को किया था. जिसमें आरोप कि नामांतरण का मुकदमा तहसीलदार बलिया के कोर्ट में चल रहा है. जिसमें तत्कालीन सदर तहसीलदार निखिल शुक्ला जो वर्तमान समय में बांसडीह तहसील के तहसीलदार है। मेरी आपत्ति न सुनकर उसे दरकिनार करते हुए तीन जुलाई 2023 को एकतरफा व एकपक्षीय आदेश कर दिए है।

इस प्रकरण की सूचना सीएम, डीएम व पुलिस अधीक्षक को दिया गया था. लेकिन पीड़ित की सुनवाई कहीं नहीं की गई. पीड़ित ने कहा कि काफी बुजुर्ग आदमी हूं चलना फिरना मुश्किल है। जिसके वजह से सी जे एम साहब के कोर्ट में अपनी अर्जी दे रहा हूं. उक्त आवेदन को स्वीकार करते हुए सीजेएम ने तहसीलदार समेत छः व अज्ञात कुछ लोगो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित की है।