प्रयागराज के सचिन यादव को दूसरा स्थान मिला


बलिया : पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की स्मृति में रविवार को 21 किलोमीटर की 7वीं चंद्रशेखर हाफ मैराथन की सवा लाख इनाम राशि की ट्राफी केन्या के धावक केफर लुम्बासी ने जीती। प्रयागराज के सचिन यादव द्वितीय और केन्या के केबिछी वाइजली ने तीसरा स्थान हासिल किया। फिनिशिंग लाइन टच करने वाले प्रथम दस में बलिया के दो खिलाड़ी रहे।


7वीं चंद्रशेखर हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए 730 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था। सभी खिलाड़ी सुबह छह बजे तक स्टार्टिंग प्वाइंट पर पहुंच चुके थे। पटपर पचखोरा में हाफ मैराथन का फ्लैग आफ राज्यसभा सांसद नीरज शेखर व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने किया। इसके बाद केन्या के धावकों ने शुरू से ही बढ़त बनाए रखी। 240 नंबर जर्सी पहने केन्या के केफर लुंबासी ने 59 मिनट 05 सेकेण्ड में अपनी दौड़ पूरी की। केनियायी धावक केफर लुंबासी ने पचखोरा में स्टार्टिंग प्वाइंट से लेकर वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में फिनिश लाइन तक लगातार बढ़त बनाए रखी। हालांकि, प्रयागराज के सचिन यादव ने भी केनियायी धावक का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने शुरू से ही केफर को पछाड़ने के लिए पूरी ताकत झोंकी, मगर महज 32 सेकण्ड से पिछड़ कर द्वितीय स्थान हासिल किया। 230 नंबर की जर्सी पहने सचिन यादव ने अपनी दौड़ 59 मिनट 37 सेकेण्ड में पूरी की। केन्या के ही केबिछी वाइजली ने तृतीय स्थान हासिल किया। जर्सी नम्बर 239 केबिछी ने एक घंटे 53 सेकेण्ड में दौड़ पूरी की।



270 नंबर के धावक वाराणसी के अनिल पटेल ने चतुर्थ स्थान, 271 नंबर के धावक वाराणसी के जुगनू कुमार ने पांचवां स्थान, 269 नंबर के धावक वाराणसी के अभिषेक प्रजापति ने छठवां स्थान, 244 नंबर के केनिया के चेपके वांग ने सातवां स्थान, 153 नंबर के धावक बलिया के सोनू कुमार राजभर आठवां स्थान, 172 नंबर के धावक बलिया के नीतीश कुमार ने नौवां स्थान और 703 नंबर के धावक मध्यप्रदेश के मऊगंज के पंकज पटेल ने दसवां स्थान हासिल किया। दसवें स्थान पर रहे धावक पंकज पटेल ने अपनी दौड़ एक घंटे सात मिनट और पंद्रह सेकेण्ड में पूरी की। फिनिशिंग लाइन तक पहुंचे वाराणसी के कुश कुमार ने एक घंटा 15 मिनट 23 सेकेण्ड में दौड़ पूरी की। कुल लगभग डेढ़ सौ खिलाड़ी फिनिश लाइन तक पहुंच सकें। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह व सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह ने प्रथम विजेता केन्या के केफर लुंबासी को एक लाख 25 हजार, द्वितीय विजेता सचिन यादव को 65 हजार और तृतीय स्थान पर रहने वाले केन्या के केबिछी वाइजली को 35 हजार नगद पुरस्कार दिया। प्रथम स्थान से 30वें स्थान तक के धावकों को पुरस्कार राशि दी गयी। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में ज्ञानकुंज के छात्रों ने अपनी सांगीतमय प्रस्तुतियों से समा बांध दिया।


इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र, एडी बेसिक आजमगढ़ मनोज मिश्र, बीएसए मनीष सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, सोनी तिवारी, दिनेश जायसवाल, रुस्तम खान, उमेश सिंह, अजित सिंह, धीरेन्द्र राय, संतोष सिंह, डा. धर्मेंद्र सिंह, विजय बहादुर सिंह, पंकज राय, द्विजेन्द्र मिश्र, देवेन्द्र सिंह प्रबंधक, अनिल सिंह पूर्व प्रमुख, रामबचन यादव, शालिनी श्रीवास्तव, देवेन्द्र गुप्त जिला विद्यालय निरीक्षक, मनोज कुमार मिश्रा एडी बेसिक, मनीष सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संजय मिश्रा जिला अध्यक्ष भाजपा, छट्ठू राम, अरुण सिंह, जवाहर लाल यादव, मिथिलेश श्रीवास्तव, जितेन्द्र सिंह, राघव सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन सुरजीत सिंह व प्रदीप यादव ने किया। समिति के  सचिव उपेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।



चंद्रशेखर जी ने कभी नहीं की द्वेष की राजनीति 
जननायक चंद्रशेखर हाफ मैराथन प्रतियोगिता का समापन तथा पुरस्कार वितरण समारोह वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह तथा राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने विजेताओं को ट्रॉफी और पुरस्कार राशि प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी को नमन करते हुए कहा कि चंद्रशेखर जी ने कभी द्वेष की राजनीति नहीं की। वह मूल्यों की राजनीति करते थे। वह हमेशा देशहित में सोचते थे। हमारा देश कैसे आगे बढ़े, इसी दिशा में उनका प्रत्येक कार्य होता था। उनके अंदर निर्णय लेने की क्षमता थी। लंबे समय तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कोई बन सकता है, लेकिन देश का कुशल राजनेता और चंद्रशेखर बनना आसान नहीं है। उनका एक अलग व्यक्तित्व था। गलत का वह खुलकर विरोध करते थे, चाहे क्यों न उनके ही दल का कोई हो। इसीलिए उनको युवा तुर्क कहा गया। परिवहन मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की याद में आयोजित इस हाफ मैराथन में बड़ी संख्या में धावकों के अलावा आम जनमानस की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि उनके विचार आज भी हमारे युवाओं के रगों में दौड़ रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि हमारे गाँव और शहरों के मैदानों से ऐसे सितारे निकलें, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ाएं। उन्होंने विजेताओं के साथ साथ समस्त प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। आयोजक चंद्रशेखर हाफ मैराथन समिति को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि चंद्रशेखर जी की विरासत को इस सकारात्मक तरीके से याद रखने का प्रयास सराहनीय है। हम सब मिलकर इसको वर्ष दर वर्ष और अधिक भव्य रूप प्रदान करने का प्रयास करेंगे।

जन्मशताब्दी पर पूरे वर्ष आयोजित हों कार्यक्रम

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने चंद्रशेखर जी की जन्म शताब्दी वर्ष को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। हम सभी बलियावासियों को भी यह चाहिए कि उनकी जन्म शताब्दी वर्ष पर पूरे एक वर्ष तक किसी न किसी कार्यक्रम के माध्यम से इस शताब्दी वर्ष को धूमधाम से मनाएं। इससे चंद्रशेखर जी से जुड़े किस्सों को जानने का अवसर भी मिलेगा। बलिया के लोग भाग्यशाली हैं कि कुशल व धनी व्यक्तित्व वाले चंद्रशेखर जी के मतदाता होने का अवसर उनको मिला। 

चंद्रशेखर जी हम सबके प्रेरणास्रोत
सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह ने कहा कि जननायक चंद्रशेखर जी हम सबके प्रेरणास्रोत थे। हम सबको राजनीतिक जीवन में चंद्रशेखर जी अथवा उनके विचारों से काफी कुछ सीखने को मिला। आज के युवाओं को भी उनके आदर्शों और विचारों का अनुकरण करना चाहिए। इस तरह की भव्य हाफ मैराथन प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनको याद करना सराहनीय कदम है। इस तरह के आयोजन हमें स्वस्थ भारत सशक्त भारत के लक्ष्य की ओर ले जाते हैं। दौड़ना अनुशासन सिखाता है और अनुशासन ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

धावकों का हौसला बढ़ाते रहे लोग
जननायक चंद्रशेखर हाफ मैराथन के स्टार्टिंग पॉइंट से  जैसे ही आगे बढ़ी, पूरे रास्ते विभिन्न जगहों पर भारी संख्या में आम लोग उपस्थित होकर धावकों का हौसला बढ़ा रहे थे। पचखोरा, आसन, जयनगर, भरखरा, सुखपुरा, सोबईबंध विशुनपुरा, करनई, धरहरा, हनुमानगंज, जिराबस्ती, बहादुरपुर, रामपुर उदयभान सही विभिन्न जगहों पर धावकों को पानी आदि देने के लिए स्टाल लगाए गए थे। मैराथन दौड़ में किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो इसको लेकर समिति के सदस्य भी जगह-जगह उपस्थित थे। हाफ मैराथन के साथ एंबुलेंस और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए चुस्त दुरुस्त व्यवस्था की गई थी। 

इनकी रही विशेष सक्रियता
रुस्तम खान, दिनेश जायसवाल, जवाहर लाल यादव, कुलदीप सिंह, पंकज सिंह, अमल कुंवर, रणजीत सिंह, अखिलेश शक्ति शामिल रहे। वहीं,  सुधीर सिंह, धर्मवीर सिंह, उमेश सिंह, धीरेन्द्र राय, मनोज शर्मा, रत्नाकर सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, ज्ञानेन्द्र यादव, भवतोष पाण्डेय, पंकज राय, संतोष सिंह, मनीष, दिनेश प्रसाद समेत सैकड़ो लोग सफल बनाने में मदद किये।