ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग, बलिया में कांग्रेस ने फूंका पुतला
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग की
बलिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक सुधीर राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर देश में एक मजबूत परंपरा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया से विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा। देश के विभिन्न हिस्सों में भी कांग्रेस हाल के दिनों में SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है।
प्रदर्शन में सच्चिदानंद तिवारी, रामप्रीत यादव, विजय ओझा, संतोष चौबे, सत्य प्रकाश उपाध्याय, जैनेन्द्र पाण्डेय मिंटू, अबुल फैज, अनुपमा सिंह, उषा सिंह, अवनीश चंद्र पाण्डेय, आरिफ खान, सागर सिंह राहुल, प्रभात सिंह, अखिलेश कन्नौजिया, विरेश तिवारी, वीर बहादुर सिंह, बब्लू शर्मा, अवधेश पाण्डेय, अरुण भारती, यश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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