नर्सिंग होम एसोसिएशन व आईएमए के चिकित्सक बोले, एक्ट में संसोधन की जरूरत
बलिया। नगर के एक निजी होटल में आईएमए व नर्सिंग होम एसोसिएसन की संयुक्त बैठक में सी ई ए पर विस्तृत चर्चा की गयी। इस दौरान अपने जनपद में सीईए के परिप्रेक्ष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। विचारोंपरांत कई प्रस्ताव पारित किए गए। नर्सिंग होम एसोसिएशन व आईएम के चिकित्सक बोले, एक्ट में संसोधन की करने की जरूरत है।
बैठक में वक्ताओं ने प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि केंद्रीय सरकार द्वारा लागू किए गए सी ई ए कानून जो कि अत्यंत व्यावहारिक एवं तर्कसंगत नहीं है । जिसमें संशोधन करने की आवश्यकता है। इसे तत्काल लागू करने के बजाय इसमें विभिन्न चिकित्सा संगठनों से आपत्तियां आमंत्रित कर उसे तर्कसंगत बनाया जाए। चिकित्सकों एवं चिकित्सा निकायों को भागीदारी को बढ़ाया जाए प्रशासनिक एवं गैर चिकित्सीय पदाधिकारियों की सहभागिता को कम किया जाय। जनमानस को सरल एवं पारदर्शी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया जाय। आपत्तियों का निराकरण करने के उपरांत ही लागू किया जाय। चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी प्रशासन द्वारा सहूलियत एवं रियायतें प्रदान किया जाय। बैठक में बायोवेस्ट से संबंधित ऑनलाइन आवेदन करने पर एक बार पुनः जोर दिया गया। जिसे 31 दिसंबर से पहले प्रमाण पत्र प्राप्त की जा सके। पारित प्रस्ताव से राज्य इकाई को भी अवगत कराया जाएगा, जो कि सरकार के साथ आगामी बैठक प्रस्तावित है,उसमें इन बिंदुओं पर चर्चा हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर जरूरत पड़ी तो हम लोग एकजुट होकर प्रदेश स्तर पर अपनी आवाज उठाएंगे और उसे सरकार तक पहुंचाएंगे।
इस बैठक में चिकित्सकों ने सीईए पर अपना अपना मत व्यक्त किया। इस बैठक में मुख्य रूप से यूपी नर्सिंग होम एसोसिएशन बलिया के अध्यक्ष डॉ पी के सिंह सचिव डॉ बीके गुप्ता, डॉ विनोद कुमार सिंह, आईएमए के सचिव डॉ अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ संतोष कुमार , डॉ जे पी सिंह तथा डॉ वीरेन्द्र कुमार ने अपना विचार प्रस्तुत किये।
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