आगे ही नहीं पीछे भी... क्या बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी?
इतिहास पर दृष्टिपात करने से यह तथ्य स्पष्ट हो जाता है कि भारत कभी भी एक दृष्टिकोण, एकधर्म, एक भाषा, एक भावभूमि अथवा एक व्यवस्था वाला देश नहीं रहा है। भारत में द्रविण संस्कृति सबसे पुरानी मानी जाती है और आर्य लोगों पर विव...