बलिया। सिविल कोर्ट परिसर में अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण करने वाले प्रशासनिक कार्यालय के पूर्व केंद्रीय नाजिर सहित तीन कर्मचारियों को शनिवार को कचहरी परिसर के केंद्रीय सभागार में सम्मानपूर्वक एवं भावनात्मक विदाई दी गई। समारोह में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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कार्यक्रम के दौरान जिला जज अनिल कुमार झा ने अपर जिला जज चतुर्थ के पेशकार एवं पूर्व केंद्रीय नाजिर डॉ. कुमार विनोद को रामचरितमानस, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कुमार विनोद ने अपने जीवन का बहुमूल्य समय न्यायिक व्यवस्था की सेवा में समर्पित किया है और अपने कार्यकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा तथा उत्कृष्ट कार्यशैली की मिसाल पेश की है।

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जिला जज ने कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि डॉ. कुमार विनोद ने एम.ए., बी.एड., एलएल.बी. एवं पीएचडी जैसी उच्च शिक्षाएं पूर्ण कीं। उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से "नवगीत : संवेदना और भाषा" विषय पर शोध कार्य पूरा किया तथा आधुनिक नवगीत की संवेदना एवं गीति-धर्मिता पर भी महत्वपूर्ण अध्ययन प्रस्तुत किया।

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समारोह में एडीजे प्रथम पुनीत कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार गंगवार, रामकृपाल, सैफ अहमद, स्निग्धा प्रधान, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक उपाध्याय सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. कुमार विनोद को मृदुभाषी, संवेदनशील गीतकार, रचनाकार एवं कर्मठ अधिकारी बताते हुए उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की।

विदाई समारोह के दौरान डॉ. कुमार विनोद ने अपना एक अत्यंत मर्मस्पर्शी गीत प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। उनके गीत की न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने जमकर सराहना की।

समारोह के अंत में जिला जज अनिल कुमार झा ने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा जीवन का स्वाभाविक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। अधिवर्षता आयु पूर्ण होने पर प्रत्येक कर्मचारी को नियमानुसार यह अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की।