कोर्ट खबर: कचहरी के झंझट से पीड़ित अधिवक्ता को मिला निजात
बार बार कचहरी के चक्कर काटने से अच्छा है वाद सुलह समझौता के आधार पर निस्तारित हो जाए, क्योंकि जीतने के लिए पीड़ित पक्ष कचहरी में वाद दाखिल करता है। शायद उससे कई गुना आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलना पड़ता है. वैसा ही छः साल से चल रहे इंश्योरेंस कंपनी के मामले में स्थायी लोक अदालत चेयरमैन/अध्यक्ष राम बेलास प्रसाद व सदस्य गण आनंद कुमार, रंजना मिश्रा की स्थायी पीठ ने दोनों पक्षों के समझौते के आधार पर निस्तारित करा दिया तथा इंश्योरेंस कंपनी की ओर से नौ हजार का चेक प्रदान कराया गया.