
बलिया। 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को गति देने के लिए जनपद बलिया में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह के कैंप कार्यालय (नारायणी टॉकीज, भृगु आश्रम) में एक विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

शिविर का मुख्य उद्देश्य: उच्च जोखिम वाली आबादी की सुरक्षाइस शिविर का प्राथमिक लक्ष्य जनपद की 'हाई रिस्क' (उच्च जोखिम वाली) जनसंख्या की पहचान करना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष ध्यान दिया गया।60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग।धूम्रपान एवं नशा करने वाले व्यक्ति।मधुमेह (Diabetes) से ग्रसित रोगी।टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्य, घनी आबादी और कुपोषण का शिकार व्यक्ति, अन्य गंभीर बीमारियों के कारण कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग, आधुनिक तकनीक से लैस हुआ।

बलिया भारत सरकार द्वारा जनपद बलिया को प्रदान की गई अत्याधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन इस अभियान का मुख्य आकर्षण रही। इस मशीन के जरिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और शिविरों में तत्काल एक्स-रे कर संभावित रोगियों की पहचान की जा रही है। अधिक से अधिक जांच होने से रोगियों को तुरंत इलाज पर रखा जा सकेगा, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।सहयोग और प्रेरणामाननीय परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह जी के कार्यालय द्वारा इस शिविर के आयोजन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

मंत्री दयाशंकर सिंह की प्रेरणा से ही इस विशेष अभियान को अमलीजामा पहनाया गया है, ताकि बलिया जल्द से जल्द टीबी मुक्त जनपद बन सके।विभागीय टीम की सराहनीय भूमिकाशिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग अनुभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर:डॉ. साकेत बिहारी (जिला क्षय रोग अधिकारी)श्री आशीष सिंह (जिला कार्यक्रम समन्वयक)श्री अनुराग पांडेय (जिला समन्वयक) संजीत सिन्हा एवं श्री जेपी राय सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के परिश्रम से शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की जांच की गई। प्रशासन का संकल्प है कि निरंतर ऐसे शिविरों के माध्यम से 'टीबी मुक्त बलिया' के सपने को साकार किया जाएगा।
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