बलिया: दुबहड़ थाने पर तैनात एक सिपाही की सोमवार की रात इलाज के दौरान नर्सिंग होम में मौत हो गयी। इस मामले में मृतक के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने शहर के स्टेशन-टाउन हाल रोड पर संचालित डॉ. जीबी सिंह मेमोरियल हास्पिटल के डॉयरेक्टर डॉ. आकाश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मूल रुप से प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी थाना क्षेत्र के जैतापुर निवासी कांस्टेबल अभय पटेल जनपद के दुबहड़ थाने पर तैनात थे। उनके चाचा कपिलदेव पटेल ने पुलिस को बताया है कि सोमवार की देर शाम करीब 7.20 बजे अभय साधारण बुखार की दवा लेने स्टेशन-टाउन हाल रोड पर स्थित जीबी सिंह मेमोरियल हास्पिटल पर पहुंचे।


वहां पर अस्पताल के कर्मचारी मोनू सिंह ने चेकअप करने के बाद डॉ. आकाश सिंह के कहने पर भर्ती कर दिया। इसके बाद मोनू दो अन्य कर्मचारियों के साथ दवा-इलाज शुरु कर दिया। उसने ग्लूकोज का बोतल लगाने के बाद उसके कोई दवा (इंजेक्शन) डाल दिया। इसके बाद अभय की हालत खराब हो गयी तथा वह कांपने लगा। साथ में मौजूद आरक्षी अजीत पटेल, सर्वेश यादव, संदीप यादव व अमन सिंह ने मामले से अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही अभय को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

इसकी जानकारी होते ही पुलिस अफसर अस्पताल पहुंच गये और मामले से परिजनों को अवगत कराया। मंगलवार को पहुंचे सिपाही के घरवालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। नगर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी का कहना है कि कांस्टेबल के चाचा के तहरीर पर डॉ. आकाश और उनके कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है।


शहर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि अभय की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी। स्थानीय चिकित्सक से इलाज चल रहा था। सोमवार की सुबह तबीयत ज्यादा खराब होने पर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। हालत में सुधार न होने पर साथी जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मिलनसार और व्यवहार कुशल अभय प्रताप वर्ष 2021 में आरक्षी पद पर भर्ती हुए थे। पहली पोस्टिंग बलिया कोतवाली अंतर्गत ओक्डेनगंज पुलिस चौकी में हुई थी। 23 अप्रैल 2025 को दुबहड़ थाने पर तैनाती हुई। 24 से 27 सितंबर तक वह तीन दिन के अवकाश पर घर गए थे। छुट्टी से लौटने के बाद 29 सितंबर की शाम को तबीयत बिगड़ गई। मूल रूप से प्रतापगढ़ के ग्राम पट्टी निवासी अभय प्रताप पटेल टाइफाइड से पीड़ित थे।