विधि संवाददाता

बलिया: लगभग तीन वर्षों पूर्व प्रेम के दीवानगी में प्रेमिका ने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग किशोरी(शिवांगी) 8वर्ष को निर्मम हत्या कराकर उसकी लाश गायब कराने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अदालत ने अभियुक्त नरेंद्र उर्फ लाला राजभर पावपट्टी खास गाजीपुर एवं अभियुक्ता बिंदु देवी पत्नी नागेंद्र राजभर मऊ हलधरपुर चकरा को अभियोजन से संजीव कुमार सिंह की दलीलें सुनने के उपरांत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा दस दस हजार रूपये जुर्माने से भी दंडित की है जुर्माने की धनराशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी.

अभियोजन के मुताबिक गाजीपुर करीमुद्दीन थाने क्षेत्र के पावपट्टी खास निवासी वादी मुकदमा ने रसड़ा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन की शादी मऊ जनपद के चकरा गांव में नागेंद्र पुत्र श्रीपति राजभर के साथ हुई थी। 11मई 2022 को उसकी बहन बिंदु अपने बच्चे शिवांगी 8वर्ष व आयुष 3वर्ष के साथ मायके आई थी इसके बाद 29 मई 2022 को अपनी बहन को उसके कहने के मुताबिक रसड़ा पहुंचा दिया। तथा उसके पति के यहां फोन किया तो पता चला कि बिंदु बच्चों समेत ससुराल नहीं पहुंची है काफी खोजबीन करने पर पता चला कि अभियुक्त नरेंद्र उर्फ लाला राजभर अपनी ममेरी बहन के यहां रसड़ा में रखा था। लेकिन उसकी भांजी वहां से गायब थी तथा लाश का भी पता नहीं चल रहा है।

वादी के तहरीर पर दोनों के विरुद्ध हत्या व लाश गायब करने का मुकदमा पंजीकृत हुआ। और सी जे एम के न्यायालय ने 10अक्टूबर 2022 को जिला जज के न्यायालय में सुपुर्द किया गया। इसके उपरांत उभय पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाई है।

त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट