
बलिया : जनपद क्षेत्र के रेवती थाना क्षेत्र के मुनिछपरा निवासी वकील राम पुत्र चनेसर राम पोक्सो एक्ट के आरोप में पिछले साढ़े तीन साल से बंद था। सेशन कोर्ट बलिया की अदालत ने आरोपी वकील राम को मंगलवार को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त करार दिया, साथ ही आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपी की तरफ से सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन तिवारी ने मेरिट पर बहस करते हुए सेशन कोर्ट बलिया के माननीय न्यायाधीश प्रथम कांत की अदालत के समक्ष सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की तमाम दलीलों को प्रस्तुत किया. जिस पर माननीय अदालत ने मामले की बारीकी से समझ कर पोक्सो एक्ट के आरोपी वकील पुत्र चनेसर को दोष मुक्त करार देते संदेह का लाभ पाने हक़दार बताते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।
बताते चले की बलिया जनपद की सत्रवाद संख्या 198 / 2020 मुकदमा अपराध संख्या 89 / 2020 में भारतीय दंड संहिता 376, 504, 506 एवं पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 के अंतर्गत दंडनीय अपराध के आरोप में वकील राम जेल में बंद था। विशेष माननीय न्यायाधीश पोक्सो एक्ट प्रथम कान्त अपर सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या आठ ने आरोपी वकील राम को दोष मुक्त करने का आदेश दिया हैं. अभियुक्त वकील राम की तरफ से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन तिवारी ने माननीय न्यायाधीश प्रथमकांत के प्रति आभार प्रकट किया है।
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