बच्चों की कमी को इसबार शिक्षकों ने किया पूरा

बलिया। 73वें गणतंत्रता दिवस के अवसर पर शहर से सटे अगरसंडा स्थित सनबीम स्कूल में कोरोना सुरक्षा के चलते छात्रों की अनुपस्थिति सभी को अखर गयी। कारण कि ऐसे महत्वपूर्ण अवसरों पर जो प्रस्तुतियां छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत किया जाता था। उन्हें विद्यालय के शिक्षकों को संपन्न करना पड़ा। अतिथियों द्वारा झंडारोहण के पश्चात मंच पर सीनियर वर्ग के शिक्षकों ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संगीतमय गीत 'जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा। वो भारत देश है मेरा' व 'मिट्टी में मिल जांवा' के कर्णप्रिय मिश्रण से दर्शकों में समा बांध दिया। कोऑर्डिनेटर्स शिक्षिकाओं द्वारा धुन पर गाए गीत 'वंदे मातरम' ने उत्साह भरते हुए  तालियां बटोरी। प्राइमरी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई पर नेटवर्क समस्या व घर पर महिला के प्रति बढ़ती जिम्मेदारी को बड़ी कुशलता से नाटक द्वारा प्रस्तुत किया, जो काफी सराहनीय रहा।भारत की रोल मॉडल बन चुकी महान महिलाओं की झांकी को प्राइमरी वर्ग की शिक्षिकाओं ने बखूबी जीवंत किया। 

मुख्य अतिथि व सचिव अरुण कुमार सिंह ने नेताजी सहित देश के लगभग भुला दिए गए क्रांतिकारियों व शहीदों को याद कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। विद्यालय के निदेशक डॉ अरुण कुमार सिंह ने संविधान के महत्व को रेखांकित कर उसके मूल उद्देश्यों के निर्वहन की बात कही। प्रधानाचार्या सीमा ने विद्यालय के शिक्षकों की कार्य की प्रशंसा करते हुए महिला सशक्तिकरण पर जोर देने व  अनुकूल वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।

मौके पर प्रशासक एसके चतुर्वेदी, हेड मिस्ट्रेस ज्योत्सना तिवारी, कोऑर्डिनेटर्स स्नेहा सिंह, सहरबानो, नीतू पांडेय, निधि शिक्षक गण मिथिलेश पांडेय, पंकज सिंह, विशाखा सिंह, नवचंद्र तिवारी, मोनिका दुबे, आर विक्रम सिंह, रहमान सर, अनूप सर, मनीष सर, ज्योति सिंह, अनुराग ठाकुर, प्रद्युम्न तिवारी, जयप्रकाश, प्रेमा, शव्या, रत्ना, अंजलि, मनीषा, सुष्मिता, नेहा सहित एनसीसी के भी छात्र थे। संचालन अमिता राय व स्वर्णिमा ने किया।