बलिया। स्वधीनता के अमृत महोत्सव आयोजन समिति बलिया नगर के तत्वावधान में शहर के चौक स्थित शहीद पार्क में अमर बलिदानियों के स्मरण में एक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसका विषय था 'एक दीप अमर बलिदानियों के नाम'। सर्वप्रथम भारत माता के चित्र, पार्क में स्थित गांधी जी की प्रतिमा व रामप्रसाद बिस्मिल आदि अमर बलिदानियों के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद परिसर में माताओं, बहनों व लोगों द्वारा इक्कीस सौ दीपों को प्रज्ज्वलित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरक्षप्रान्त के सह प्रांत कार्यवाह श्री विनय जी ने बलिदान दिवस के बारे में बताते हुए कहा कि आज के ही दिन 19 दिसंबर 1927 को तीन क्रांतिकारियों को फांसी पर लटकाया गया था। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, और ठाकुर रोशन सिंह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में से हैं, जिन्होंने देश की खातिर सब कुछ न्यौछावर कर खुशी-खुशी फांसी का फंदा चूम लिया। ब्रिटिश हूकुमत से देश को आजाद कराने की खातिर कई महान स्वतंत्रता सेनानियों ने खुशी-खुशी अपने प्राणों का बलिदान दिया है। आज के ही दिन इन क्रांतिकारियों को फांसी पर लटकाया गया था। यही वजह है कि देश में 19 दिसंबर को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राम प्रसाद बिस्मिल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांतिकारी धारा के एक प्रमुख सेनानी थे। काकोरी कांड का नाम जब भी उठता है, तो राम प्रसाद बिस्मिल का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने काकोरी कांड में मुख्य भूमिका निभाई थी. वे एक अच्छे शायर, लेखक और गीतकार के रूप में भी जाने जाते थे. उनका गीत सरफरोशई की तमन्ना अब हमारे दिल में है… आज भी शरीर में देशभक्ति का जज्बा उत्पन्न कर देता है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी श्री गोपाल जी अग्रवाल व संचालन हरनाम जी ने किया। विशिष्ठ अतिथिगण में डॉ विनोद सिंह, बृज नारायण सिंह, इस अभियान समिति के जिला संयोजक दिनेश सिंह,श्री अरविंद सिंह चौहान जी मंच पर थे।,
इस अवसर पर मा.सह नगर संघचालक श्री परमेश्वरनश्री, जिला प्रचारक श्री सत्येन्द्र, डॉ राजेन्द्र पाण्डेय,अनिल सिंह,संजय कश्यप,सत्यब्रत, नगर कार्यवाह ओम प्रकाश राय, रवि सोनी, सचिन, चन्द्रशेखर, आशीष, श्रीमती उमा सिंह, भारती सिंह, आदि के साथ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बहनें व सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।