बलिया: ठंड की मार झेल रहे गरीबों के हाथ अलाव की तपिस भले न महसूस कर रहे हों मगर उसकी आंच से जिम्मेदारों की जेब जरूर गरम हो रही है। जिले में कागजों में ही अलाव दहक रहे हैं और गरीबों को कंबल भी बंट गये हैं। शासन को रिपोर्ट भी भेज डी गयी है। लेकिन हकीकत में अलाव की चिंगारी नजर नहीं आ रही है। हाल यह है कि एक ही अलावा के पर दो-दो विभाग दावेदारी कर रहे हैं।
बता दें कि ठंड के कारण गरीबों को राहत देने के लिए प्रत्येक वर्ष सर्दी के मौसम में जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से कंबल भी वितरित किये जाते हैं। इस बार जिला प्रशासन की ओर से सभी पांचों तहसीलों को अलाव जलाने के लिए 50-50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले की नौ नगर क्षेत्र में 90 स्थानों पर प्रतिदिन अलावा जलाये जा रहे हैं। इसके अलावा अब सैकड़ों कंबलों का वितरण का दावा भी किया जा रहा है। वहीं पालिका प्रशासन का दावा है कि वह भी शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवा रहा है।
गरीबों की लकड़ी पर हाथ सेंक रहे एसी में बैठे आला अफसर, शहर में नहीं दिख अलाव
ठंड की मार झेल रहे गरीबों के हाथ अलाव की तपिस भले न महसूस कर रहे हों मगर उसकी आंच से जिम्मेदारों की जेब जरूर गरम हो रही है। जिले में कागजों में ही अलाव दहक रहे हैं और गरीबों को कंबल भी बंट गये हैं। शासन को रिपोर्ट भी भेज डी गयी है। लेकिन हकीकत में अलाव की चिंगारी नजर नहीं आ रही है। हाल यह है कि एक ही अलावा के पर दो-दो विभाग दावेदारी कर रहे हैं। बता दें कि ठंड के कारण गरीबों को राहत देने के लिए प्रत्येक वर्ष सर्दी के मौसम में जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से कंबल भी वितरित किये जाते हैं। इस बार जिला प्रशासन की ओर से सभी पांचों तहसीलों को अलाव जलाने के लिए 50-50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले की नौ नगर क्षेत्र में 90 स्थानों पर प्रतिदिन अलावा जलाये जा रहे हैं। इसके अलावा अब सैकड़ों कंबलों का वितरण का दावा भी किया जा रहा है। वहीं पालिका प्रशासन का दावा है कि वह भी शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवा रहा है। ठंड की मार झेल रहे गरीबों के हाथ अलाव की तपिस भले न महसूस कर रहे हों मगर उसकी आंच से जिम्मेदारों की जेब जरूर गरम हो रही है। जिले में कागजों में ही अलाव दहक रहे हैं और गरीबों को कंबल भी बंट गये हैं। शासन को रिपोर्ट भी भेज डी गयी है। लेकिन हकीकत में अलाव की चिंगारी नजर नहीं आ रही है। हाल यह है कि एक ही अलावा के पर दो-दो विभाग दावेदारी कर रहे हैं। बता दें कि ठंड के कारण गरीबों को राहत देने के लिए प्रत्येक वर्ष सर्दी के मौसम में जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से कंबल भी वितरित किये जाते हैं। इस बार जिला प्रशासन की ओर से सभी पांचों तहसीलों को अलाव जलाने के लिए 50-50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले की नौ नगर क्षेत्र में 90 स्थानों पर प्रतिदिन अलावा जलाये जा रहे हैं। इसके अलावा अब सैकड़ों कंबलों का वितरण का दावा भी किया जा रहा है। वहीं पालिका प्रशासन का दावा है कि वह भी शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवा रहा है।
Pradeep Gupta
प्रदीप गुप्ता जमीन से जुड़ी खबरों और जनता की आवाज़ को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय मुद्दों, जनहित के विषयों और क्षेत्रीय घटनाओं पर उनकी विशेष नज़र रहती है।
Comments
No comments yet.
Comments are closed for this post.