बलिया। शहर कोतवाली के हरपुर मिड्ढी स्थित किराये के कमरे में झुलसकर मरे गन्ना विभाग के कनिष्ठ लिपिक के मामले में कोतवाली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासा किया है। लिपिक की हत्या कोई और नहीं, बल्कि उनके विभाग का ही चपरासी ने लेनदेन के विवाद में किया था। चपरासी ने लिपिक को अत्यधिक शराब पिलाने के बाद उनके शरीर पर ज्वलनशील स्प्रे छिड़कर सिगरेट से आग लगाकर जान ले ली थी। पुलिस ने आरोपी चपरासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने हत्या के पीछे का कारण पैसे का लेनदेन बताया है।
वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कोचवा गांव निवासी साजन कुमार (35) गन्ना विभाग में कनिष्ठ लिपिक थे, जो शहर कोतवाली क्षेत्र के हरपुर मिड्ढी में किराये के कमरे में रहते थे। 18 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में किराए के कमरे में जलकर लिपिक मौत हो गई थी। मृतक के भाई ललित कुमार ने मकान मालिक श्रीप्रकाश यादव व उनके बेटे अजीत यादव के खिलाफ किराये के विवाद में हत्या कर शव जलाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने मामले की विवेचना सीओ सिटी भूषण वर्मा को सौंपी। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर व अन्य पहलुओं पर पुलिस ने फोकस किया तो चौकान्ने वाले तथ्य सामने आया। एएसपी विजय त्रिपाठी ने बताया कि हत्या करने वाला गन्ना विभाग का ही चपरासी है। एक फुटेज में गन्ना विभाग का चपरासी सत्यदेव सिंह (निवासी उतरौली थाना सुहवल, गाजीपुर) अकेले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसे उठा लिया। पूछताछ में चपरासी ने सारी कहानी बयां कर दी। बताया कि साजन से उसने दस हजार रुपये लिए थे। घटना के दिन भी दोनों ने एक साथ शराब पी थी। उसने लिपिक को अधिक शराब पिलाई और नशे में लिपिक बेसुध हो गया तो स्प्रे की बोतलों के सहारे सिगरेट से उसके शरीर पर आग लगाकर फरार हो गया।
हत्याकांड के हर पहलू की जांच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपित को न्यायालय चालान कर दिया गया।

एसपी राजकारन नैय्यर

Comments
No comments yet.