बलिया। सरस्वती शिशु मंदिर जगदीशपुर के प्रंगढ़ में माताओं के सम्मान में मातृ सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सतीशचन्द्र कॉलेज की पूर्व प्रचार्या श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय , विशिष्ठ अतिथि श्रीमती कृष्णा पाण्डेय व विद्यालय के पूर्व प्रबन्धक राजेश पाण्डेय जी द्वारा मां भारती व विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की चित्र के सम्मुख दिप प्रज्ज्वलित करने व बहनों द्वारा वन्दना के बाद सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन में बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किसान गीत तथा होली गीत सुनकर उपस्थित माताएं मंत्रमुग्ध हो गईं। बहन श्रेया, आशीष, शालू, कीर्ति, आकृति, रिशान्त, आदित्य, रुद्र तिवारी, कन्हैया, खुशी, प्रिया, प्रीति आदि द्वारा विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय जी ने अपने उदबोधन में बताया कि शिशु की शिक्षा मां के गर्भ से ही प्रारंभ हो जाती है। शिक्षा संस्कारयुक्त होनी चाहिए, इससे एक शिशु आदर्श नागरिक बन सकें। इस सम्मेलन का उद्देश्य बालकों का सर्वांगीण विकास करना है। शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए माता ही सक्षम होती है।

मुख्य अतिथि श्रीमती पांडेय ने मौजूद महिलाओं को अपने बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देने की बात कही। साथ ही जीजाबाई सरीखे उदाहरण पेश कर बच्चों का भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि बालकों के निर्माण में माता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अगर बालकों को राष्ट्रभक्ति में ओत प्रोत शिक्षा देनी हो तो माता को जीजाबाई की भूमिका निभानी पड़ेगी।

श्रीमती कृष्णा पाण्डेय जी द्वारा आशीर्वचन व्यक्त किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेंद्र श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की आचार्या निधि पाण्डेय जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के साथ छात्र छात्राएं व माताएं उपस्थित थे।