बलिया : हीटवेब ने जहां अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. वहीं शासन प्रशासन के अफसरों की बेचैनी भी बढ़नी शुरू हो गई है. आलम यह है कि जिला अस्पताल में हीट वेव और लू लगने वाले मरीजों का तादाद बढ़ना शुरू हो गया है. वहीं अस्पताल प्रशासन ने जिला अस्पताल में एक हीटवेब वार्ड भी शुरू कर दिया है. जिसमें हीट वेव से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा. भीषण धूप के चलते अस्पताल में हर रोज एक दो मरीज हीट वेव से पीड़ित आ रहे हैं. हालांकि इन मरीजों को शासन की शक्ति के चलते हीटवेव पीड़ित नहीं बताया जा रहा. इन्हीं तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने सोमवार को जिला महिला और पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया।

डीएम ने संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सीएमएस को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम रजिस्ट्रेशन एंड रिपोर्ट कक्ष के बाहर और स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष में जाकर वहां बेतरतीब ढंग से खड़ी महिलाओं को एक लाइन बनवाकर इलाज कराने हेतु सीएमएस को निर्देशित किया।

इस दौरान विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों से बातचीत कर अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क दवा, भोजन, पानी इत्यादि के बारे में जानकारी ली।जिला महिला अस्पताल के बिजली की समस्या को दूर करने के लिए जिलाधिकारी के प्रयासों से शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल के लिए 50 केवीए का लोड बढ़ाया गया है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बिजली विभाग के मौजूद एसडीओ को अस्पताल के इलेक्ट्रीशियन को सभी बिजली संचालन संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में प्रशिक्षण देने को कहा। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल (पुरुष) का भी निरीक्षण किया।

...और अचानक स्कूल में गिरकर छटपटाने लगी शिक्षिका

सोमवार को एक निजी विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका की हालत अचानक बिगड़ने लगी जिसे विद्यालय कर्मियों ने जिला अस्पताल पहुंचाया. उसे छटपटाते देख मरीजों की हालत और बिगड़ने लगी. आलम यह रहा कि ऑक्सीजन लगाने के बाद भी उसकी बेचैनी कम नहीं होती दिख रही थी. हालांकि अस्पताल के चिकित्सकों का मानना था उसे हीट वेव नहीं है. स्थिति काबू में है उसे बचा लिया जाएगा. आनंद नगर निवासी मनीषा गड़वार रोड स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ाने का कार्य करती है. सोमवार को स्कूल गई और बच्चों को पढ़ने के दौरान गिरकर छटपटाने लगी. जिसे स्कूल प्रबंधक व सहकर्मी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया. घंटों इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हो पाया.