अवर अभियंताओं से वादा करके कर्मचारियों व अधिकारियों की मांगों अनदेखी
बलिया। वेतन विसंगतियों सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन राज्य विद्युत परिषद जुनियर इंजीनियर्स संगठन की ओर से चल रहा था। लेकिन शासन की ओर आश्वासन के बाद भी मांगे पूरी नहीं की गयी। मांगे पूरी न हुई तो जिले के कर्मचारियों द्वारा 29 अक्टूबर से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार व जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। यह बातें पत्रकारों से बातचीत के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार ने कही। इस दौरान बैठक कर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनायी। कहा कि बिना संसाधनों के ही हमारे अवर अभियंताओं का कराया जा रहा। जो हमारे हक पर डाका के समान है।
प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश कुमार ने कहा कि 7 सितंबर 2021 से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के समस्त अव/प्रोन्नत अभियंता, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनीयर्स संगठन (जे०ई०संगठन) के बैनर तले अपनी न्याय संगत व तर्क संगत वेतन संबंधी विषमताओं के निराकरण कार्य क्षेत्रों में प्रबंधन की दोषपूर्ण व नियम विरुद्ध कार्यशैली व उसकी आड़ में उत्पीइनात्मक कार्यवाईयों के विरोध में व संसाधनों के घोर अभाव में विद्युत आपूर्ति में नित्य प्रति आ रही चुनौतियों से निपटने हेतु संसाधन मांग हेतु संगठन द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन में आंदोलनरत है। चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में व ऊर्जा प्रबंधन द्वारा कोई सकारात्मक प्रयास न कर जबरदस्ती प्रदेश की जनता को एक औद्योगिक अशांति के वातावरण में धकेले जाने के परिणामस्वरूप 25 अक्टूबर से आर पार की लड़ाई का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। कहा कि 25 को प्रेस वार्ता व शायंकालीन 3 से 5 बजे जनपद मुख्यालय पर विरोध सभा दिनांक 27 व 28 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालय पर सम्पूर्ण कार्यबहिष्कार व 29 अक्टूबर से क्षेत्रीय मुख्यालय पर सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार व जेल भरो आंदोलन प्रस्तावित है।

बताया यह संवर्ग प्रदेश की जनता को शासन की मंशानुरूप बिजली देने का काम करता है, जैसा कि कोरोना जैसी विभीषिका में भी अपने प्राणों को दांव पर लगाकर और अपने कई लोगों को खोकर भी जनता को अनवरत बिजली आपूर्ति बनाये रखा, ऐसा संवर्ग कभी जनता से उनकी बिजली बंद करने के बारे में उसकी मंशा नहीं रहती, इसी वजह से सर्वप्रथम ध्यानाकर्षण आंदोलन व क्रमिक उपवास कर प्रबंधन व शासन से अपनी वेतन विसंगतियों, विभागीय कार्यों के निष्पादन व विद्युत आपूर्ति हेतु धरातल पर आ रही समस्याओं के निराकरण का लगातार प्रयास करता रहा किन्तु लगातार बढ़ते उत्पीड़न, मानसिक दबाव व अत्यधिक भार के कारण अवर/प्रोन्नत अभियंता लगातार रोगग्रस्त होते जा रहे हैं और मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो रहे हैं, ऐसे में रोगग्रस्त कार्मिक विभाग व जनता को भला कैसे बेहतर सेवा दे सकता है।
प्रबंधन की गलत नीतियों व कुप्रबंधन के कारण हुए वित्तीय घाटे का कारण अवर/प्रोन्नत अभियंताओं को बताकर उसका दुष्प्रचार कर उनको बदनाम करने के पश्चात विभाग के निजीकरण की साजिश व प्रबंधकीय असफलताओं को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। अवर/प्रोन्नत अभियंता अपनी वेतन संबंधी विसंगतियों में वेतन वृद्धि की मांग नहीं कर रहे हैं वह केवल पूर्व के आदेशों के क्रियान्यवन व अप्रचलित ग्रेड वेतन 4800 को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष श्याम अवध यादव, सचिव विपिन सिंह, अवर अभियंता आशुतोष पांडेय, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, संजय यादव, मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।
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