कर्मचारी नेता सरकार पर जमकर बरसे


डीएम कार्यालय पर धरना देने सीएम को भेजा 21 सूत्रीय ज्ञापन

बलिया। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले गुरुवार को जिले के विभिन्न कर्मचारी संगठन के नेताओं ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर एकदिवसीय धरना दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में जुटे कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री को 21 सूत्री मांग पत्र सरकार को भेजा। कहा कि पुरानी पेंशन लेने वाले कभी सुखी जीवन नहीं भोगते है। चाहे वह सरकार का सबसे बड़ा मुखिया ही क्यों न हो।


पुरानी पेंशन की मांग को लेकर चल रहे धरने में सभी कर्मचारी संगठनों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों का आक्रोश देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियां लिए शिक्षक और कर्मचारी कलक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर जुलूस की शक्ल में पहुंच रहे थे। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता सत्या सिंह ने कहा कि हम बिना पुरानी पेंशन वापस लिए किसी सूरत में मानने वाले नहीं हैं । इसके लिए हमे चाहे जो भी कुर्बानी देनी पड़े। हम इसके लिए तैयार है। कहा कि देश में जब भी ये सरकार आयी सबसे अधिक नुकसान कर्मचारियों को उठाना पड़ा है।


नहीं चलने देंगे नई पेंशन स्कीम
धरना सभा को सम्बोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सांसदों और विधायकों को पुरानी दी जा रही है। जबकि कर्मचारियों को नई पेंशन देने की असफल कोशिश की जा रही है। किसी भी सूरत में हम इस लागू नहीं होने देंगे। संविधान के द्वारा मिला समानता का अधिकार लागू होना चाहिए। इसके लिए सरकार से हर लड़ाई के लिए तैयार हैं। कहा कि हमें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हमे संघर्ष का रास्ता भी चुनाव करना पड़ा तो हम सहर्ष तैया है। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अध्यक्ष सत्या सिंह, बृजेश सिंह, राजेश पाण्डेय, अरविंद राय, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय कान्हजी, सुशील त्रिपाठी, अजय मिश्रा, शशिकांत ओझा, अखिलेश सिंह शक्ति, विजय कुमार सिंह, डा. अवनीश पाण्डेय, डा. अखिलेश राय, जयप्रकाश पांडेय, मनियर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अजय सिंह, निर्भय नारायण सिंह, कमला सिंह, संगीता वर्मा, मंटू मिश्रा आदि थे।

रुकेंगे हम तो  रुक जाएगा देश

बलिया। पुरानी पेंशन बहाली के लिए आयोजित धरने में सेवानिवृत्त कर्मचारी श्रीराम ने गीतों के माध्यम से अपनी बात कही। उन्होंने ‘हमको नदियों का पानी न समझा जाए, समंदर की हवा तूफानी हैं हम, हम रुक जाएंगे देश रुक जाएगा’… जब गाया तो धरनास्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावा कई और पुरूष-महिला कर्मचारियों ने गीतों के जरिए सरकार पर हमला बोला।