एक साल में 21 लाख 48 हजार रुपये साइबर सेल ने कराया वापस

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बलिया। जहां एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया की तरफ लोगों को उन्मुख करने में लगी हुई है। इस क्षेत्र में हम आगे भी बढ़ रहे हैं, वैसे ही ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्राड यानी ठगी (Online Financial Fraud ) के केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना काल के बाद बेरोजगारी के शिकार हुए आईटी से जुड़े युवा इन दिनों फाइनेंशियल ठगी के काम में लग गए गई। अक्सर इस तरह की शिकायत सुनने को मिल रही हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जब जिले के किसी न किसी थाना क्षेत्र में कोई ठगी की घटनाएं न घटित हुई हों। इन दिनों तो कुछ ज्यादे ही दिख रही है। बात सिर्फ बलिया की करें तो वर्ष 2021 में साइबर क्राइम सेल (cyber crime cell) ने ऑनलाइन ठगी के शिकार व्यक्तियों के बैंक खातों में कुल 21,48,164/-रुपये वापस कराया है। इससे न सिर्फ बलिया पुलिस तथा साइबर क्राइम सेल टीम की शान बढ़ी, बल्कि वाहवाही भी खूब मिली।
एसपी राजकरन नय्यर के निर्देशन तथा एएसपी विजय त्रिपाठी व सीओ नगर भूषण वर्मा के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम सेल ने वर्ष 2021 में आए ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले में काफी अच्छे काम किये। नतीजतन ठगी के शिकार अधिकतर लोगों का पैसा उनके बैंक खातों में कुल 21,48,164/-रुपये वापस हुआ। ये वे लोग है, जिन्होंने समय से शिकायतें दर्ज कराई। पैसा वापस मिलने पर शिकायतकर्ता, बल्कि उनके परिजन भी खुश है।  

24 घंटे में शिकायत करने पर राहत की उम्मीद
साइबर सेल में तैनात आरक्षी अमरनाथ मिश्रा का कहना है कि सावधानियों के बाद भी आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो सबसे पहले साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ या 155260 पर शिकायत दर्ज कराएं।साइबर ठगी की शिकायत 24 घंटे के भीतर करना जरूरी होता है। साइबर सेल की सेंट्रल हेल्प लाइन नंबर पर इसकी सूचना देने पर तत्काल कार्रवाई होती है। 

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?
हर रोज बहुत लोग साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं। ऐसे में वह बड़ा खुशनसीब हैं, जिनकी रकम वापस मिल जाय। मगर एक पहलू यह भी है कि ज्यादातर को पता ही नहीं होता है कि इसका शिकार होने पर करना क्या चाहिए ? साइबर सेल में तैनात आरक्षी अमरनाथ मिश्रा के मुताबिक कभी भी, किसी के भी साथ अपने मोबाइल पर आया OTP न शेयर करें, न ही उसे अपनी डेबिट कार्ड डिटेल्स और पिन बताएं। इसके अलावा अगर कोई आपसे ऐप इंन्सटॉल करके ऐप पर दिख रहा कोड शेयर करने को कहे तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि कोड देते ही आप बड़े फ्रॉड का शिकार हो जाएंगे।

साइबर सेल टीम बलिया
प्रभारी निरीक्षक बीरेन्द्र कुमार मिश्रा 
आरक्षी अमरनाथ मिश्रा
आरक्षी कृष्ण मोहन शुक्ला
आरक्षी प्रशांत कुमार सिंह