संगठन में जिलाध्यक्ष से लेकर प्रभारी तक का सफर, सिकंदरपुर से टिकट के दावेदारों में भी रहा नाम
बलिया। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ नेता देवेंद्र यादव को देवरिया जिले का प्रभारी बनाया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बलिया की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में एक बार फिर उनके नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बलिया की राजनीतिक जमीन से अपनी सक्रियता शुरू करने वाले देवेंद्र यादव जिला अध्यक्ष से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों तक काम कर चुके हैं।
देवेंद्र यादव मूल रूप से बलिया जनपद के रहने वाले हैं और उनकी राजनीतिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा बलिया में ही रहा है। संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रमुख हिस्सा रही है। समय-समय पर पार्टी ने उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर संगठन में काम करने का अवसर दिया।
जिम्मेदारी बदली, सक्रियता नहीं भाजपा संगठन में देवेंद्र यादव जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके बाद संगठनात्मक स्तर पर उन्हें अन्य दायित्व भी मिले। अब देवरिया जिले का प्रभारी बनाए जाने के बाद उनके सामने एक नए जनपद में पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।
उनकी राजनीतिक कार्यशैली को लेकर समर्थकों का कहना है कि पद और जिम्मेदारी बदलने के बावजूद कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों से उनका संपर्क बना रहा है। हालांकि किसी नेता की संगठनात्मक भूमिका का मूल्यांकन पार्टी द्वारा दिए गए दायित्वों और उसके प्रदर्शन के आधार पर ही किया जाता है।
सिकंदरपुर से कई बार टिकट की चर्चा
देवेंद्र यादव का नाम सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के संभावित टिकट दावेदारों में भी कई बार चर्चा में रहा है। पार्टी की ओर से अलग-अलग चुनावों में टिकट को लेकर उनके नाम पर राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है। हालांकि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी का अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व ही करता है।
यदि भविष्य में पार्टी नेतृत्व उन्हें सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय करता है तो उनके समर्थकों का कहना है कि वह पार्टी के निर्देश का पालन करते हुए चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहेंगे। फिलहाल उनके सामने देवरिया जिले के प्रभारी के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी है।
संगठन में सेवा को मिलता है महत्व
भाजपा में लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं को अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां मिलने की प्रक्रिया लगातार देखने को मिलती है। हाल में राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में भी पार्टी नेतृत्व ने अंतिम समय में अपने निर्णय से राजनीतिक चर्चाओं को दिशा दी। इससे यह संदेश गया कि पार्टी संगठन में काम करने वाले नेताओं को अलग-अलग स्तर पर अवसर दे सकती है।
देवेंद्र यादव के राजनीतिक सफर को भी इसी संगठनात्मक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। बलिया से शुरू हुई उनकी राजनीतिक सक्रियता अब देवरिया की जिम्मेदारी तक पहुंच गई है।
अब देखना यह होगा कि देवरिया प्रभारी के रूप में देवेंद्र यादव किस तरह संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाते हैं और भविष्य में पार्टी नेतृत्व उन्हें किस भूमिका में आगे बढ़ाता है। फिलहाल नई जिम्मेदारी ने बलिया से जुड़े इस वरिष्ठ भाजपा नेता को फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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