नगर के बंधे वाला बाईपास पर भी अतिक्रमण, प्रशासन की चुप्पी से हो रही फजीहत


बलियाऐतिहासिक ददरी मेला की शुरुआत हो चुकी है। नंदीग्राम पशु मेला भी सज गया है।  फिर भी नंदी ग्राम मेला स्थल की ओर आसानी से पहुंचना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इस बार भी लोगों को ददरी मेला की ओर जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस दिशा में न तो जिला प्रशासन दिलचस्पी दिखा रहा है न तो एनएचएआई के अफसर। ऐसे में लोगों के लिए ददरी मेले का सफर काफी पीड़ादायी साबित होगा। शहर से निकलने वाला बंधा भी मेले के समय बाइपास के रुप मे प्रयोग होता रहा है। लेकिन नपा व जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते यह बंधा पूरी तरह से अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है।

जिले के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते नगर से होकर निकलने वाला एनएच 31 तो खराब हो ही चुका है। वहीं महिला अस्पताल के तरफ से बंधा होकर निकलने वाला वाला मार्ग भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। इस मार्ग को खाली कराने के लिए सीमांकन भी कराया गया था। लेकिन विभाग व जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। ऐसे में इस बंधे को बाईपास के रुप मे प्रयोग करने की भूल करना भी बहुत बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। आलम यह है कि इस बंधे के दोनों तरफ अतिक्रमण तो है ही। बचे हुए सड़क पर कई स्थानों पर अतिक्रमण किया गया गया।

सबसे दिलचस्प तो यह है कि शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाया गया बंधा सड़क के दोनों तरफ रहने वालों की भेंट चढ़ चुका है। इस अतिक्रमण को हटाने में न जाने कौन सा पेंच है जिसके चलते इसे खाली नहीं कराया जा रहा है। शहर से होकर निकलने वाले एनएच पर ही जब किसी का ध्यान नहीं है तो फिर बाईपास की बात ही बेमानी होगा। वहीं मेला से कुछ दूर पहले घनश्याम कॉलोनी के पास कूड़े का ढेर यह बता रहा है कि नगर का कूड़ा इधर भी फेंक जा रहा है। सबसे मजे की बात यह है कि इस मार्ग की चौड़ाई अधिक न होने के बावजूद इस पर जीप स्टैंड बना दिया गया है। जिससे कि हल्के वाहनों के आवागमन पर भी जाम की घोर समस्या पैदा जाती है।

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