हल्दी थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में दो साल पांच माह 12 दिन पूर्व घटित हुई थी घटना


शनिवार को देर शाम जिला जज अमित पाल सिंह की न्यायालय ने सुनाई फैसला

विधि संवाददाता

बलिया : लगभग ढाई साल पूर्व घर के पास घेरकर कातिलाना हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की न्यायालय ने अभियुक्त बाप बेटे समेत सात अभियुक्तों को दोषी करार दिया है और सजा के प्रश्न पर अभियोजन की ओर से संजीव कुमार सिंह तथा बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के उपरांत सभी सातों अभियुक्तों को दस-दस साल के सश्रम कारावास तथा सभी धाराओं को मिलाकर कुल 16 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका है, साथ ही न्यायालय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त छः माह की सजा अभियुक्तों को भुगतनी पड़ेगी.


उल्लेखनीय है कि हल्दी थाने द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 120/22 में रामगढ़ गांव निवासी अभियुक्त गण लल्लू उर्फ संदीप पुत्र मोहन खरवार, मोहन पुत्र स्वर्गीय गोपाल खरवार, साधन उर्फ बुद्धू पुत्र मोहन खरवार, जयप्रकाश पुत्र सीताराम ओझा, अनंत उर्फ पप्पू पुत्र त्रिभुवन नाथ, चंदन पुत्र सुरेंद्र ओझा एवं चंदन पुत्र मोहन खरवार को न्यायालय ने कातिलाना हमले के जुर्म में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
क्या है घटना? अभियोजन के मुताबिक रामगढ़ गांव निवासी मोहन केशरी ने 17 जून 2022 को थाने में लिखित आवेदन दिया था कि उसका भाई कृष्णा केसरी लगभग सवा छः बजे घर से दुकान पर जा रहा था कि जय प्रकाश के दरवाजे के पास पहुंचते ही पहले से मौजूद आरोपी गण लल्लू ,मोहन ,साधन उर्फ बुद्धू, जयप्रकाश, अनंत, चंदन एवं चंदन पुत्र मोहन जान करने के नियत से घेर लिए और चाकू,तलवार तथा फरसा से मारकर लहूलुहान कर दिए। मेरे भाई कृष्णा केसरी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है लिखित आवेदन के आधार पर हल्दी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दी।

पुलिस ने सातों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में 22 जुलाई 2022 को आरोप पत्र प्रेषित कर दिया. फिर निचली अदालत में चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए विचरण की दृष्टि से 22 अगस्त 2022 को जिला जज के न्यायालय में सुपुर्द कर दिया। इसके उपरांत गवाह वादी मुकदमा समेत सात गवाहों की गवाही हुई। उभय पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत जिला जज ने उक्त फैसला सुनाई है.


त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट