कोर्ट के आदेश के अवहेलना पर पुलिस अधीक्षक से मांगी स्पष्टीकरण

विधि संवाददाता

बलिया: लगभग तेरह साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अभियोजन साक्षी एसआई डी एन दूबे के विरुद्ध बार-बार जारी गिरफ्तारी वारंट का तामिला नही कराए जाने पर विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने नियत तिथि के अंदर तामिल कराकर या गिरफ्तार कर न्यायालय में हाजिर कराने का आदेश पारित किया है। तथा एस एच ओ रेवती के विरुद्ध अदालती कार्यों में रुचि नहीं लेने व घोर लापरवाही करने के लिए उसके विरुद्ध विभागीय दांडिक कार्यवाही करके नियत तिथि के अंदर विधि अनुसार अवगत कराने हेतु पुलिस अधीक्षक को आदेश दी है। प्रकरण में आदेश का अनुपालन क्यों नहीं की गई अनुपालन आख्या समेत स्पष्टीकरण भी मांगी है। साथ ही अदालत ने यह भी पारित की है कि आदेश की अवहेलना की कार्यवाही माननीय उच्च न्यायालय को अग्रसारित की जाए। क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 6जून 2024 तक ही मुकदमा निस्तारित करने का समय था जो बीत चुका है।

अदालती सूत्रों के मुताबिक रेवती थाने द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 259/2011 का सेशन ट्रायल विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा के न्यायालय में गवाही में चल रहा है। जबकि उच्च न्यायालय द्वारा शीघ्र निबटारा का आदेश भी पारित है उक्त मामले में दारोगा डीएन दूबे के विरुद्ध अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट भी जारी है। अदालत के आदेश के बाद भी एस एच ओ रेवती ने नही तामिला कराया और नही गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया। जिसपर विशेष न्यायाधीश ने रेवती एस एच ओ के विरुद्ध भी कारवाई के आदेश दिए हैं और नियत तिथि के अंदर पुलिस अधीक्षक बलिया से भी स्पष्टीकरण मांगी है।

त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट