
पुलिस के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए चार इंस्पेक्टरों के विरुद्ध कारवाई हेतु डीजीपी को लिखा पत्र
गैंगेस्टर अधिनियम में भी कोर्ट ने दे दिया तत्काल जमानत
विधि संवाददाता
बलिया : लगभग तीन साल पूर्व, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बैरिया जलेश्वर सिंह उर्फ बलवीर सिंह को साजिश के तहत तिराहे के पास बादमाशों द्वारा गोली मारकर नृशंस हत्या करने के मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या (3) नीलम ढाका की अदालत ने फैसला सुनाते हुए साक्ष्य के अभाव में पांच आरोपितों को बरी कर दिया है। साथ ही पुलिस के नकारात्मक रवैया पर खफा होकर विभागीय कार्यवाही हेतु डी जी पी लखनऊ को पत्र प्रेषित करने का आदेश दी है। वादी मुकदमा समेत गवाहों के विरुद्ध भी कारवाई हेतु आदेश दिया है।
उल्लेखनीय हैं कि बैरिया थाने द्वारा दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 167/2021 में भादवि की धारा 302, 120 के तहत न्यायालय ने बैरिया कस्बा निवासी हरी सिंह उर्फ हरे राम सिंह, अमृतेश सिंह उर्फ सबल, राजनारायण पांडेय ,सुनील गिरि व सुनील कुमार सिंह को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी करने का आदेश दे दिया है।
अभियोजन के अनुसार यह घटना बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरिया तिराहे पर सात जुलाई 2021 को 12:00 बजे दिन में घटित हुआ था। बैरिया कस्बा निवासी रितेश कुमार सिंह ने घटना के बावत थाने में तहरीर दर्ज कराई थी कि मेरे भाई को बादमाशों ने साजिश के तहत गोली मारकर हत्या कर दिया हैं। तहरीर के आधार पर बैरिया पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया और विवेचना शुरू किया। विवेचना के दौरान पांचों आरोपितों का नाम प्रकाश में आया। जिसके बाद पुलिस ने बैरिया कस्बा निवासी हरी सिंह उर्फ हरे राम सिंह, अमृतेश सिंह उर्फ सबल, राजनारायण पांडेय ,सुनील गिरि व सुनील कुमार सिंह के खिलाफ विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया. जिसमे कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य का आभाव पाया और सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी करने का आदेश दे दिया.
मंगलवार के दिन ही गैंगेस्टर के मामले में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई और 20-20 हजार के दो- दो बंध पत्र व प्रतिभू देने पर जमानत पर रिहा का आदेश भी पारित कर दिया। इस केस की चर्चा कोर्ट में रही.
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