न्यायालय का फर्जी मोहर व हस्ताक्षर के मामले में आरोपी का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर
फर्जीवाड़े करने वाले मामलों में जिला जज हुए गंभीर
विधि संवाददाता
बलिया: दीवानी न्यायालय के कैंपस में फर्जी आदेश भेज देना, फर्जी जमानतदार देकर आरोपी को रिलीज करा लेने वाले जालसाजों का भंडाफोड़ होना प्रारंभ हो गया है, ऐसे गलत करने वालों के विरुद्ध जिला जज अमितपाल सिंह काफी गंभीर है. उक्त मामले में विवेचनाधिकारी ज्ञानचंद्र शुक्ला द्वारा सीजेएम पराग यादव के कोर्ट में आरोपी से पूछताछ हेतु पुलिस कस्टडी रिमांड हेतु आवेदन दिया गया। जिसपर कुछ अधिवक्ताओं ने पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध भी किया। अंत मे न्यायालय ने आरोपी को दो दिनों हेतु पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकार कर लिया है.
अदालती सूत्रों के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र के उमरगंज निवासी दीपांशु गुप्ता को कोतवाली पुलिस ने लगभग एक सप्ताह पूर्व न्यायालय का फर्जी रिलीज आदेश भेजने के मामले में गिरफ्तार कर चौदह दिनों के रिमांड पर जिला जेल भेज दी थी. उसी मामले में नये तथ्यों को उजागर करने हेतु आरोपी को दो दिन पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर किया गया है.
ये है पुरा मामला...
अभियोजन के अनुसार जेएम प्रथम के बाबू ने तहरीर दर्ज करायी थी कि 23अगस्त 2024 अपराध संख्या 22/2024 स्टेट बनाम अभिषेक , धारा 60/63 आबकारी अधिनियम थाना सहतवार व अपराध संख्या 25/24, सरकार बनाम मिथिलेश थाना सहतवार से संबंधित रिलीज आदेश पर फर्जी हस्ताक्षर एवं कार्यालय का मोहर लगाकर जारी कराया गया है. जो मेरे कार्यालय का नहीं है उसी मामले में नए तथ्यों को उजागर करने के लिए कोर्ट ने पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर किया है.
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
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