साइबर अपराध में पैसा ठगी करने का मामला
रिपोर्ट प्रेषित नहीं करने पर न्यायालय हुआ सख्त
विधि संवाददाता
बलिया: चाहे वह सिस्टम का दोष कहा जाए या पुलिस विभाग द्वारा अदालती कार्यों को करने में घोर लापरवाही. कही ना कही हमेशा चाहे वह 156(3) सीआरपीसी में थाने द्वारा रिपोर्ट मांगने का सवाल हो या किसी तरीके का स्पष्ट आख्या लाने की बात हो। काफी समय व्यतीत हो ही जाता है और वादकारियों को काफी जलालत झेलनी पड़ती है।
इसके बाद भी स्पष्ट रिपोर्ट थाने द्वारा कम ही देखने को मिलता है जैसा कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पराग यादव के कोर्ट में साइबर सेल कोतवाली प्रभारी द्वारा लगभग ढाई माह से रिपोर्ट मांगा जा रहा है, लेकिन अभी तक स्पष्ट रिपोर्ट साइबर सेल प्रभारी द्वारा नही दिया गया. इसी मामले में सीजेएम पराग यादव की अदालत ने प्रभारी साइबर सेल कोतवाली को 13सितंबर 2024 को स्पष्ट आख्या समेत व्यक्तिगत तलब किया है. कोर्ट के इस आदेश से न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले पुलिस अफसरों में हड़कंप मची हुई है.
अदालती सूत्रों के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जापलिनगंज निवासी आर्यन कुमार पुत्र अरविंद के खाते से किसी फर्जी कंपनी द्वारा ठगी कर एक लाख 40 हजार दो सौ अट्ठासी रूपये जमा करा लिया। जब शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करा दिया।
जहां से शिकायतकर्ता को बताया गया कि 24 मई 2024 को दस हज़ार रुपए और 25मई 2024 को चालीस हजार रूपए स्थानातरण कर होल्ड कर दी गई है। जिसके संबंध में न्यायालय ने बार बार रिपोर्ट तलब किया, लेकिन अभी तक रिपोर्ट प्रस्तुत नही किया गया। जिसपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पराग यादव के कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल को स्पष्ट आख्या सहित तलब किया है, कोर्ट के इस आदेश से न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले पुलिस अफसरों में हड़कंप मची हुई है.
त्रिभुवन नाथ यादव एडवोकेट
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